Ranchi : झारखंड की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में राज्य में नक्सल गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए आत्मसमर्पण नीति को और प्रभावी बनाने और विशेष अभियान चलाने पर विस्तार से चर्चा की गई.
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार ऑपरेशन चलाए जाएं और आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को सरकार की नीतियों के तहत त्वरित लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि मुख्यधारा में उनकी वापसी को बढ़ावा मिल सके.
बैठक में बच्चों की गुमशुदगी के बढ़ते मामलों को भी गंभीरता से लिया गया. डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए हर केस की मॉनिटरिंग की जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो.
इसके अलावा डायल 112 (आपातकालीन सेवा) को और अधिक प्रभावी व सुचारू बनाने को लेकर भी चर्चा हुई. डीजीपी ने कहा कि आम जनता को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, इसके लिए रिस्पॉन्स टाइम में सुधार और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत किया जाए.
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए समन्वय के साथ काम करें और संवेदनशील मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए.
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