Dhanbad : नालसा के निर्देश पर धनबाद में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक बार फिर त्वरित व सुलभ न्याय की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की. इस साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में शुरुआती दो घंटे में ही रिकॉर्ड मामलों का निबटारा किया गया. लोक अदालत में कुल 2 लाख 91 हजार 356 मामलों का निबटारा किया गया. वहीं, 1,36,43,70,931 रुपये की रिकवरी भी की गई.
लोक आदालत का उद्घाटन न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद ने जमशेदपुर से ऑनलाइन किया. धनबाद में आयोजित कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष निकेश कुमार सिन्हा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत संविधान की उस भावना को साकार करती है, जिसमें हर नागरिक को सामाजिक, आर्थिक व सुलभ न्याय सुनिश्चित करने की बात कही गई है. लोक अदालत के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित समाधान संभव हो पाता है. हर तीन महीने में इसका आयोजन किया जाता है ताकि आम लोगों को शीघ्र न्याय मिल सके.
लोक अदालत में मानवीय पहल भी देखने को मिलीं. सड़क दुर्घटना में अपने माता-पिता को खोने वाले प्रभु साव को 1 करोड़ 38 लाख रुपये का मुआवजा चेक के रूप में दिया गया. वहीं सड़क दुर्घटना में पति को खोने वाली विधवा को 82 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया.
अवर न्यायाधीश सह डालसा के सचिव मयंक तुषार टोपनो ने बताया कि मामलों के त्वरित निबटारे के लिए 13 बेंच का गठन किया गया था. इनमें से 2,54,975 मामले प्री-लिटिगेशन से जुड़े थे जिन्हें आपसी समझौते के आधार पर सुलझाया गया. लोक अदालत में सामाजिक सरोकार के तहत दो दिव्यांग व्यक्तियों को ट्राइसाइकिल व दिव्यांग प्रमाणपत्र दिया गया. वहीं चार अनाथ बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ते हुए उनकी शिक्षा के लिए चार-चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment