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धनबादः IIT-ISM के शताब्दी फाउंडेशन वीक में दिखेगी विरासत व भविष्य की झलक

निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने इसे ऐतिहासिक आत्मचिंतन और नए संकल्प का समय बताते हुए कहा कि यह सप्ताह संस्थान की गौरवशाली यात्रा, उसकी उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों को एक साथ सामने लाएगा.
 

Dhanbad : IIT-ISM धनबाद अपनी स्थापना के 100वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है. इस ऐतिहासिक अवसर को खास बनाने के लिए संस्थान 3 से 9 दिसंबर तक भव्य शताब्दी फाउंडेशन वीक का आयोजन करेगा. यह जानकारी आईआईटी-आईएसएम के कॉन्फ्रेंस हॉल में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी गई.

 

संस्थान की स्थापना वर्ष 1926 में रॉयल स्कूल ऑफ माइंस, लंदन के मॉडल पर भारतीय स्कूल ऑफ माइंस एंड एप्लाइड जियोलॉजी के रूप में हुई थी. अब यह केवल खनन और भू-विज्ञान तक सीमित न रहकर इंजीनियरिंग, ऊर्जा, कंप्यूटिंग, पर्यावरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्टता का केंद्र बन चुका है. 


संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने इसे ऐतिहासिक आत्मचिंतन और नए संकल्प का समय बताते हुए कहा कि यह सप्ताह संस्थान की गौरवशाली यात्रा, उसकी उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों को एक साथ सामने लाएगा. उन्होंने भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी भविष्य को मजबूत बनाने के संकल्प को दोहराया. कहा कि शताब्दी फाउंडेशन वीक की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और विकसित भारत @ 2047 विषय पर संवाद के साथ होगी. सप्ताह भर के कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चाएं होंगी, जिसमें खनिज एवं ऊर्जा में महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है.

वहीं, तकनीकी नवाचार में अपशिष्ट प्रबंधन की नई तकनीकें, कंप्यूटिंग और एआई (Artificial Intelligence) पर भी चर्चा होगी.
सप्ताह के दौरान कई तकनीकी और वैज्ञानिक प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी, जिसमें वर्चुअल माइनिंग अनुभव, 3-डी मेटावर्स और आपदा प्रबंधन डेमो (Disaster Management Demo), एआई आधारित टेक्नोलॉजी डिस्प्ले शामिल है. इस मौके पर छात्र क्लबों, संगीत एवं नाटक टीमें व एसपीआईसी मैके के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रंग भरेंगी.


उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से संस्थान के पूर्ववर्ती छात्र भी समारोहों, संवाद सत्रों और विशेष बैठकों में हिस्सा लेने के लिए धनबाद आएंगे.सप्ताह का समापन 9 दिसंबर को फाउंडेशन डे समारोह के साथ होगा. उन्होंने कहा आईआईटी-आईएसएम धनबाद अपनी विरासत को सहेजते हुए खनन 4.0, स्वच्छ ऊर्जा, एआई आधारित तकनीक और बहु-विषयक अनुसंधान के नए अध्याय लिखने के साथ एक नए युग में प्रवेश करने के लिए तैयार है.


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