Dhanbad : झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही धनबाद के अधिवक्ताओं में सरगर्मी बढ़ गई है. चुनाव 12 मार्च को होना है. अधिवक्ता इस बार ऐसे प्रत्याशियों को चुनने के मूड में हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर पर उनके हितों के लिए कार्य किया है. यह चुनाव न केवल अधिवक्ताओं के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है बल्कि महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा व कल्याण जैसे मुद्दों को लेकर एक नया अध्याय लिखने की तैयारी है. चुनाव में राज्यभर के 17 हजार से अधिक अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता इस बार महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी है. करीब 700 महिला अधिवक्ता चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं. बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के निर्देशानुसार इस बार चुनाव में आरक्षण व्यवस्था लागू की गई है, जिससे महिला अधिवक्ताओं को नेतृत्व में आगे आने का बेहतर अवसर मिला है.
वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम गोस्वामी ने कहा कि जब नारी शक्ति नेतृत्व की भूमिका निभाएगी तो व्यवस्था में सुधार और विकास को नई दिशा मिलेगी. इस बार का चुनाव कई गंभीर और ज्वलंत मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जो आने वाले अध्यक्ष और काउंसिल सदस्यों की प्राथमिकता तय करेंगे. कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सुरक्षा के लिए कानून हैं, लेकिन न्याय दिलाने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अब तक कोई ठोस कानून नहीं बनाया गया है. देशभर में अधिवक्ताओं पर हो रहे हमलों और हत्याओं को देखते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग इस चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है.
अधिवक्ता कल्याण से जुड़ी योजनाओं को लागू कराना भी प्रत्याशियों के लिए बड़ी चुनौती होगी.विशेष रूप से पेंशन स्कीम, अधिवक्ताओं के लिए आवास सुविधा (अधिवक्ता कॉलोनी), तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया से समन्वय कर स्वास्थ्य बीमा एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को प्रमुख एजेंडे में शामिल किया गया है.उन्होंने बताया कि झारखंड के प्रत्येक जिला मुख्यालय स्थित बार एसोसिएशन में मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. इस चुनाव के माध्यम से कुल 25 सदस्यों का चयन किया जाएगा. निर्वाचित सदस्य बाद में आपस में बैठक कर स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे.
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