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धनबादः निजी स्कूलों की मनमानी पर फूटा गुस्सा, री-एडमिशन फीस के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन

महिलाओं ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद निजी स्कूल मनमानी जारी रखे हुए हैं. खासकर री-एडमिशन फीस के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जा रही है. इसके अलावा एनुअल फीस, डेवलपमेंट चार्ज, एक्टिविटी फीस सहित कई अन्य मदों में हर साल अतिरिक्त शुल्क जोड़े जा रहे हैं.
 
प्रदर्शन में शामिल महिलाएं.

Dhanbad : धनबाद में निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है. री-एडमिशन फीस के विरोध में शुक्रवार को गोल्फ ग्राउंड के समीप दर्जनों महिलाओं ने प्रदर्शन किया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

 

 महिलाओं ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद निजी स्कूल मनमानी जारी रखे हुए हैं. खासकर री-एडमिशन फीस के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जा रही है. इसके अलावा एनुअल फीस, डेवलपमेंट चार्ज, एक्टिविटी फीस सहित कई अन्य मदों में हर साल अतिरिक्त शुल्क जोड़े जा रहे हैं.

 


महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल अभिभावकों को एक निश्चित दुकान से ही किताबें और कॉपियां खरीदने के लिए मजबूर करते हैं. इससे न केवल विकल्प सीमित हो जाता है बल्कि बाजार से अधिक कीमत पर सामग्री खरीदने की मजबूरी भी बन जाती है. प्रदर्शनकारियों ने इसे शैक्षणिक शोषण बताया. कहा कि महंगाई के इस दौर में अनियंत्रित फीस वसूली से मध्यमवर्गीय व गरीब परिवारों का बजट पूरी तरह चरमरा गया है. कई अभिभावक बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में भी असमर्थ महसूस कर रहे हैं.


उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि ऐसे निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. फीस संरचना को पारदर्शी बनाया जाए और री-एडमिशन फीस पर तत्काल रोक लगाई जाए. साथ ही किताब-कॉपी खरीद में अभिभावकों को स्वतंत्रता देने के लिए भी ठोस कदम उठाने की मांग की गई. महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि इस दिशा में जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.


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