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धनबाद: राजस्व कार्यशाला में आयुक्त ने दाखिल-खारिज मामलों में भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों को चेताया

हजारीबाग प्रमंडलीय आयुक्त पवन कुमार सोमवार को धनबाद पहुंचे. उनकी अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय राजस्व कार्यशाला का आयोजन किया गया.
 

Dhanbad : हजारीबाग प्रमंडलीय आयुक्त पवन कुमार सोमवार को धनबाद पहुंचे. उनकी अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय राजस्व कार्यशाला का आयोजन किया गया.

 

कार्यशाला में उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सादात अनवर, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, निदेशक डीआरडीए राजीव रंजन, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर हेमा प्रसाद, एसडीएम राजेश कुमार सहित भू-अर्जन पदाधिकारी, एलआरडीसी और जिले के सभी अंचल अधिकारी मौजूद रहे.

 

कार्यशाला के दौरान आयुक्त ने राजस्व कार्यों में सामने आ रही गंभीर समस्याओं पर खुलकर चर्चा की. उन्होंने स्वीकार किया कि जिले में हजारों दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामले लंबित हैं.

 

इसके साथ ही दोहरी जमाबंदी की जा रही है और गैर-मजरूआ जमीन की रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन भी हो रहा है जो गंभीर चिंता का विषय है. आयुक्त ने कहा कि भूमाफिया इस पूरे तंत्र पर हावी हो चुके हैं और अंचल कार्यालयों की लापरवाही के कारण जमीन से जुड़े दस्तावेजों में व्यापक गड़बड़ियां हो रही हैं.

 

आयुक्त पवन कुमार ने बताया कि राजस्व मामलों में लागू विभिन्न कानूनों और प्रावधानों की समुचित जानकारी नहीं होने के कारण कई बार त्रुटिपूर्ण आदेश पारित हो जाते हैं जिसका सीधा लाभ जमीन के अवैध कब्जाधारियों को मिल जाता है. इस दौरान उन्होंने सभी पदाधिकारियों को भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान, जमाबंदी और दाखिल-खारिज से जुड़े सभी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी.

 

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन दाखिल-खारिज मामलों में कोई आपत्ति (ऑब्जेक्शन) नहीं है उन्हें 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निष्पादित किया जाए.

 

कार्यशाला के दौरान आयुक्त ने रेवेन्यू एक्ट, सीएनटी एक्ट, वन पट्टा कानून, लैंड सीलिंग एक्ट, जंगल-झाड़ी भूमि, इंडियन फॉरेस्ट एक्ट 1927 एवं 1980, कैंटोनमेंट एरिया, नोटिफाइड एरिया, खासमहल भूमि की प्रकृति एवं प्रक्रिया, वाटर बॉडीज एक्ट, परिशोधन पोर्टल, खतियान एवं रजिस्टर-2 में प्रविष्टियों का महत्व, फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर उदाहरणों के साथ विस्तार से प्रकाश डाला.

 

इससे पूर्व प्रमंडलीय आयुक्त के सर्किट हाउस पहुंचने पर जिला प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. वहीं सर्किट हाउस से हजारीबाग रवाना होने से पहले भी उन्हें औपचारिक सम्मान प्रदान किया गया.

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