Dhanbad : लोक आस्था का महापर्व चैती छठ इस वर्ष पूरे श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ. चार दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान सूर्य और छठी मईया की आराधना की.
इस महापर्व में किन्नर समाज की सक्रिय और प्रेरणादायक भागीदारी देखने को मिली, जिसने आयोजन की गरिमा को और भी ऊंचा कर दिया। चैती छठ के तीसरे और चौथे दिन न्यू मटकुरिया रेलवे कॉलोनी स्थित कृत्रिम छठ घाट पर विशेष देखने को मिली.
यहां किन्नर समाज के सदस्यों ने पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अस्ताचलगामी और उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया. घाट पर भक्ति गीतों, लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य के बीच श्रद्धा का अद्भुत वातावरण बना रहा.
किन्नर समुदाय के कई सदस्यों ने 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखकर अपनी आस्था और समर्पण का परिचय दिया. व्रती विभा किन्नर और काजल किन्नर ने बताया कि वे पूरी निष्ठा के साथ यह व्रत करती हैं और छठी मईया से धनबाद सहित पूरे समाज की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करती हैं.
वहीं रेखा और निर्मला समेत अन्य व्रतियों ने भी कहा कि यह पर्व सिर्फ आस्था ही नहीं बल्कि समाज में प्रेम, समानता और एकता का संदेश देता है. बुधवार की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही व्रत का विधिवत समापन हुआ. इस दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और हर ओर भक्ति का माहौल बना रहा.
किन्नर समाज की इस भागीदारी ने यह संदेश दिया कि आस्था के इस महापर्व में सभी वर्गों की समान भागीदारी समाज को जोड़ने का काम करती है.चैती छठ का यह आयोजन धनबाद में धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और एकजुटता की सशक्त मिसाल बनकर सामने आया.
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