Dhanbad : धनबाद-अल्लपुझा एक्सप्रेस ट्रेन में ड्यूटी के दौरान कोच अटेंडेंट (आउटसोर्स कर्मी) की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. शव को धनबाद लाए जाने पर परिजनों ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की.मृतक की पहचान पिंटू कच्छी उर्फ भारती के रूप में हुई है. वह एसी कोच अटेंडेंट के तौर पर कार्यरत था.
पिंटू धनबाद से अल्लपुझा जाने वाली ट्रेन में ड्यूटी पर था. बताया जाता है कि ट्रेन खुलने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और हालत लगातार गंभीर होती गई. ट्रेन के अल्लपुझा स्टेशन पहुंचने तक उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी और कुछ ही देर बाद मौत हो गई. मंगलवार को शव धनबाद लाए जाने के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और आउटसोर्स कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
पिंटू कच्छी के बेटे ऋतिक कुमार भारती ने आरोप लगाया कि उसके पिता पिछले तीन वर्षों से कंपनी में कार्यरत थे लेकिन कंपनी प्रबंधन उन्हें महज दो दिनों का कर्मचारी बता रहा है. परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई. स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद धनबाद मेयर के निर्देश पर कंपनी और परिजनों के बीच वार्ता कराई गई. काफी देर तक चली वार्ता में दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई. कंपनी की ओर से 2 लाख रुपये मुआवजा, शव लाने के लिए 65 हजार रुपये, अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये व मृतक के बेटे को अस्थायी नौकरी देने पर सहमति बनी है.
कंपनी मैनेजर बजरंगी सिंह ने बताया कि मुआवजा, पीएफ और नौकरी से संबंधित आश्वासन लिखित रूप में परिजनों को दे दिया गया है जिसके बाद वे मान गए.
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