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नीरज सिंह हत्याकांड में संजीव सिंह को फंसाने के लिए फर्जी CDR पेश किया, अनुसंधानक व एपीपी को नोटिस

झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह

झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह की अर्जी पर कोर्ट ने की कार्रवाई

Dhanbad : झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह की अर्जी पर धनबाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा आदेश दिया है. बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड मामले में विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने अनुसंधानकर्ता निरंजन तिवारी और अपर लोक अभियोजक (एपीपी) सत्येंद्र राय को नोटिस जारी करने का अदेश दिया है. यह जानकारी संजीव सिंह के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने गुरुवार को मीडिया को दी.

अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने कहा कि अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 8 सितंबर तय की है. पूर्व विधायक ने 20 अगस्त को अदालत में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि अनुसंधानकर्ता और एपीपी ने सूचक अभिषेक सिंह के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें सजा दिलाने की साजिश रची. अर्जी में संजीव सिंह की ओर से कहा गया कि अनुसंधानकर्ता और एपीपी ने आदित्य राज के मोबाइल का झूठा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) केस डायरी और कोर्ट में पेश किया गया.

 उन्होंने कहा 13 अगस्त को संजीव सिंह के मोबाइल का भी फर्जी सीडीआर दाखिल किया गया, जिसे गलत तरीके से प्रदर्श 16/4 बताकर अदालत में रखा गया. जबकि असली प्रदर्श 16/4 नोडल ऑफिसर से प्रमाणित था, जिसमें साफ दिखा कि 15 से 23 मार्च 2017 तक आदित्य राज गिरिडीह में मौजूद था. अधिवक्ता ने कहा कि अभियोजन पक्ष का कर्तव्य न्यायालय को निष्पक्ष रूप से सहयोग करना है न कि किसी भी कीमत पर आरोपी को सजा दिलाना. लेकिन इस मामले में झूठे सबूत गढ़कर संजीव सिंह को फंसाने की कोशिश की गई. ज्ञात हो कि 27 अगस्त को नीरज सिंह हत्याकांड मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए संजीव सिंह सहित सभी 11 आरोपियों को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया है.

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