Search

 
 
 

धनबादः केंदुआडीह में 6 दिन बाद भी गैस रिसाव जारी, लोगों का बेलगड़िया-करमाटांड़ जाने से इनकार

प्रभावित बस्तीवासियों ने सोमवार प्रेसवार्ता कर कहा कि किसी भी सूरत में वे बेलगड़िया या करमाटांड़ में विस्थापित होने नहीं जाएंगे. मर जाएंगे पर केंदुआडीह नहीं छोड़ेंगे. लोगों ने विरासत का हवाला देते हुए विस्थापन का कड़ा विरोध किया.
 

BCCL प्रबंधन के खिलाफ फूटा गुस्सा


Dhanbad : धनबाद के केंदुआडीह में छह दिन बाद भी बस्तियों में गैस रिसाव जारी है. प्रभावित लोगों ने विस्थापन को लेकर बीसीसीएल के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. प्रभावित बस्तीवासियों ने सोमवार प्रेसवार्ता कर कहा कि किसी भी सूरत में वे बेलगड़िया या करमाटांड़ में विस्थापित होने नहीं जाएंगे. मर जाएंगे पर केंदुआडीह नहीं छोड़ेंगे. लोगों ने अपनी पीढ़ी दर पीढ़ी की विरासत का हवाला देते हुए विस्थापन का कड़ा विरोध किया.


लोगों का कहना है कि गैस रिसाव की घटना के बाद बीसीसीएल प्रबंधन उन्हें बेलगड़िया या करमाटांड़ में शिफ्ट होने के लिए कह रहा है. लेकिन यह उनके जीवन-यापन के लिए संभव नहीं है. ग्रामीणों ने एकमत से कहा, हम वर्षों से इसी केंदुआडीह बस्ती में रहते आए हैं. हमें विस्थापित करने की बजाय बीसीसीएल प्रबंधन को गैस निकालने की दिशा में प्रयास तेज करना चाहिए. बेलगड़िया या करमाटांड़ में न तो उन्हें रोजगार मिलेगा और न ही किसी तरह की अन्य सुविधाएं. ऐसे में केंदुआडीह छोड़कर दूसरी जगह जीवन यापन करना उनके लिए बेहद कठिन होगा.

 

स्थानीय निवासी आनंद पासवान, अवधेश पासवान, कृष्णा राउत ने कहा कि गैस रिसाव की घटना को छह दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है. जिससे लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि वे पूर्व से ही चानक का पंखा चालू करने और ड्रिलिंग करके गैस निकालने जैसी मांगों को बीसीसीएल प्रबंधन के सामने रखते आए हैं, लेकिन प्रबंधन इन मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है. केवल विस्थापन की बात पर अटका हुआ है. लोगों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे मरते दम तक केंदुआडीह नहीं छोड़ेंगे.


प्रेसवार्ता में आक्रोशित लोगों ने विरोध जताते हुए प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन को मांगों पर पुनर्विचार करने और जल्द से जल्द गैस रिसाव की समस्या का तकनीकी समाधान निकालने की चेतावनी दी है. मो. शाजिद ने कहा कि उनका सारा कामकाज,  रोजी-रोटी इसी इलाके से जुड़ी है. दूसरी जगह जाकर क्या करेंगे. बीसीसीएल यहां की समस्या को सुलझाए, विस्थापन समाधान नहीं है.

 

वहीं, BCCL प्रबंधन और जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज कर दी है. JRDA टीम ने राजपूत बस्ती, मस्जिद मोहल्ला, नया धौड़ा समेत प्रभावित इलाकों में बेलगड़िया में मिलने वाली सुविधाओं से संबंधित पंपलेट बांटकर लोगों को जानकारी दी.पंपलेट में हर परिवार को 99 साल की लीज पर दो कमरे, किचन, बाथरूम, लिविंग रूम और बालकनी वाले घर की सुविधा देने की बता कही गई है. चूंकि स्थानीय लोग बेलगड़िया या अन्य स्थान पर शिफ्ट होने के लिए तैयार नहीं हैं. इसलिए उन्होंने पंपलेट लेने से इंकार कर दिया.


Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही