Dhanbad : अपनी आय बढ़ाने व विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से धनबाद जिला परिषद ने जिले में स्थित अपनी जमीनों व भवनों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई तेज कर दी है. परिषद ने संस्थानों व संबंधित लोगों को कानूनी नोटिस भेजकर जमीन व भवन खाली करने का आदेश दिया है. इससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है.
जिला परिषद ने धनबाद के लुबी सर्कुलर रोड स्थित बीएसएस महिला कॉलेज, झरिया के गोलकडीह में कोयला उत्खनन कर रहे बीसीसीएल, धनबाद में जिला परिषद की भूमि पर रेलवे द्वारा बनाए गए कर्मचारी आवास व बरवाअड्डा के किसान चौक के समीप करीब एक एकड़ भूमि पर बसे ग्वालों को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया है.
जिप अध्यक्ष शारदा सिंह ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि जिला परिषद गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही है. इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. जिला परिषद के पास आय के सीमित स्रोत हैं ऐसे में अपनी भूमि का व्यावसायिक उपयोग कर दुकानें, मॉल आदि बनाकर किराए के माध्यम से आय बढ़ाना जरूरी हो गया है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला परिषद की कई जमीनों और भवनों पर वर्षों से अवैध कब्जा है. इसी को हटाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जा रहे हैं.उन्होंने बताया कि जिला परिषद की इमारत में वर्षों से बीएसएस महिला कॉलेज संचालित हो रहा है, लेकिन कॉलेज प्रशासन न तो भवन का किराया दे रहा है और न ही भवन खाली कर रहा है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 व 2010 में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने 25 मार्च 2011 को जिला परिषद की जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, जिसमें बीएसएस महिला कॉलेज का नाम भी शामिल था. हालांकि, उस समय बोर्ड, इंटरमीडिएट और प्रतियोगी परीक्षाओं के कारण तत्काल सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी थी.
इसके अलावा बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के किसान चौक के समीप जिला परिषद की लगभग एक एकड़ भूमि पर ग्वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए भी उन्हें नोटिस जारी किया गया है. जिला परिषद की इस सख्त कार्रवाई से जिले में अतिक्रमणकारियों और संबंधित संस्थानों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है.
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