Dhanbad : आईआईटी-आईएसएम, धनबाद के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग की ओर से झारखंड के जनजातीय विद्यार्थियों के लिए आईटी व कंप्यूटर कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहल के तहत आयोजित किया जा रहा है. इसमें 10वीं, 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 5 से 7 मार्च तक मिड-सेमेस्टर परीक्षा व प्रायोगिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं.
यह प्रशिक्षण दुमका जिले के कठिजोरिया स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस), गोड्डा जिले के तसरिया स्थित ईएमआरएस व ईएमआरएस भोगनाडीह, साहिबगंज में चल रहा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य झारखंड के जनजातीय युवाओं में डिजिटल साक्षरता, तकनीकी दक्षता व रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है. कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण, प्रायोगिक अभ्यास तथा नियमित मूल्यांकन के माध्यम से आईटी से संबंधित महत्वपूर्ण कौशल सिखाए जा रहे हैं. बेसिक बैच के विद्यार्थियों को पायथन प्रोग्रामिंग की प्रारंभिक जानकारी दी जा रही है जिससे वे कोडिंग व डिजिटल तकनीक की बुनियादी समझ विकसित कर सकें.
वहीं, एडवांस बैच के विद्यार्थियों को एडवांस टैली का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि उन्हें अकाउंटिंग और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके. यह कार्यक्रम प्रो. रश्मि सिंह और प्रो. निलाद्रि दास के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है. प्रशिक्षण टीम में निलेश कुमार व फिरदौस अंसारी शामिल हैं. यह पहल आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की जनजातीय समुदायों के बीच डिजिटल समावेशन और कौशल विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
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