Dhanbad : केंदुआ मुख्य मार्ग पर भू-धंसान (गोफ) के कारण पिछले सात महीने से आवागमन बंद है. खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और बीसीसीएल ने सड़क पर बैरिकेडिंग कर यातायात पूरी तरह रोक दिया है. फिलहाल वाहनों का परिचालन वैकल्पिक मार्ग से कराया जा रहा है.
अब इसी तरह का खतरा झरिया-सिंदरी-बलियापुर मुख्य मार्ग पर भी मंडराने लगा है. करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही कई स्थानों पर उखड़ गई है और बीच सड़क पर दरारें व धंसान के निशान दिखाई देने लगे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. प्रतिदिन इस मार्ग से भारी मालवाहक वाहनों के साथ हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो केंदुआ जैसी स्थिति यहां भी उत्पन्न हो सकती है.
सड़क बंद होने की स्थिति में लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ेगा जिससे आम जनजीवन और व्यापार दोनों प्रभावित होंगे.

बीसीसीएल की खनन गतिविधियों पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र के लोगों ने सड़क की बदहाल स्थिति के लिए बीसीसीएल और उसकी आउटसोर्सिंग कंपनियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व विधायक और राज्य सरकार के सहयोग से इस सड़क का निर्माण कराया गया था. सड़क को मजबूत और टिकाऊ बनाया गया था.
लेकिन बीसीसीएल की कुजामा परियोजना में लगातार हो रही हैवी ब्लास्टिंग और खनन गतिविधियों के कारण सड़क कई स्थानों पर धंस गई और जगह-जगह दरारें पड़ गई है. लोगों का आरोप है कि लगातार हो रही विस्फोटक खनन गतिविधियों का असर सड़क की नींव पर पड़ा है. इसके बावजूद अब तक न तो स्थायी मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल हुई और न ही जिम्मेदारी तय हो सकी है.

आरसीडी और बीसीसीएल के बीच फंसा मरम्मत का मामला
झरिया-सिंदरी मुख्य मार्ग की मरम्मत को लेकर पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) और बीसीसीएल के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है. दोनों विभाग मरम्मत का दायित्व एक-दूसरे पर डाल रहे हैं. इस कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.
स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि सड़क क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. लोगों ने जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है.

विधायक ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल
वर्तमान झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सड़क निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि 44 करोड़ की लागत से बनी सड़क 44 दिन भी नहीं टिक सकी. आज सड़क बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है और केंदुआ जैसी घटना की आशंका बनी हुई है. उन्होंने कहा कि केंदुआ में गैस रिसाव के कारण सड़क प्रभावित हुई थी. जबकि झरिया-सिंदरी मार्ग निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती गई है. रागिनी सिंह ने कहा मामले की जांच कराने के लिए उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा गया है.

मेयर बोले-गलत स्थान पर बना दी गई सड़क
धनबाद मेयर संजीव सिंह ने भी सड़क निर्माण पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि बीसीसीएल द्वारा आरसीडी को जो नक्शा उपलब्ध कराया गया था, उसके अनुरूप सड़क का निर्माण नहीं किया गया. जल्दबाजी और दबाव में गलत स्थान पर सड़क बना दी गई, जिसका परिणाम आज सामने है. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की.
उपायुक्त ने दिया मरम्मत का भरोसा
धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि झरिया-सिंदरी मुख्य मार्ग की मरम्मत के लिए आरसीडी द्वारा तैयार प्राक्कलन (एस्टीमेट) बीसीसीएल को भेज दिया गया है. सड़क मरम्मत के लिए बीसीसीएल को राशि उपलब्ध करानी है. इस संबंध में पत्राचार किया जा चुका है. बीसीसीएल से राशि मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
फिलहाल सड़क की जर्जर स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो झरिया-सिंदरी मार्ग पर भी केंदुआ जैसी स्थिति बन सकती है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
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