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ट्रैफिक अव्यवस्था मामला : हजारीबाग नगर आयुक्त को HC का अवमानना नोटिस, 17 तक मांगा जवाब

कोर्ट-कचहरी की खबरें

Ranchi :  हजारीबाग में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और अव्यवस्थाओं को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में की सुनवाई हुई. मामले में हाईकोर्ट ने हजारीबाग नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता को अवमानना नोटिस जारी किया.

 

अदालत ने उनसे पूछा कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए.  मामले में नगर आयुक्त को 17 जुलाई तक व्यक्तिगत रूप से शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है.  अब अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी.

 

 

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि जब नगर आयुक्त को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश 9 जनवरी और 16 फरवरी को दिया गया था तो फिर उनके बदले हजारीबाग नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने क्यों शपथ पत्र दाखिल किया.  

 

अदालत ने कहा कि यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा, क्योंकि पिछली सुनवाई में ही नगर आयुक्त को शपथ पत्र दाखिल करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था. वही प्रार्थी अधिवक्ता अच्युत स्वरूप मिश्रा ने मामले में संक्षिप्त नोट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया.

 

कोर्ट ने हजारीबाग प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हाईकोर्ट के कई आदेश के बावजूद भी अब तक हजारीबाग में ट्रैफिक लाइट की सुचारू व्यवस्था नहीं है, सीसीटीवी अब तक खराब पड़े हैं. सड़कों पर जाम लगा हुआ है. हर जगह हजारीबाग क्षेत्र में अतिक्रमण है. कोर्ट ने हजारीबाग जिला प्रशासन को ट्रैफिक की वास्तविक स्थिति के बारे में 17 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. 

 

इससे पहले प्रार्थी की ओर से बताया गया कि कोर्ट के 28 अगस्त 2025 के आदेश का अनुपालन अब तक नहीं हुआ है. हजारीबाग में सड़कों का अतिक्रमण जारी है, पार्किंग स्थलों पर कब्जा और सीसीटीवी कैमरों के खराब होने जैसी समस्याएं आज भी बनी हुई है. ट्रैफिक लाइट भी नहीं लगाए गए हैं. सीसीटीवी खराब रहने से हजारीबाग शहर में चोरी और छिनतई की घटनाएं लगातार हो रहे हैं.  

 

बता दें कि खंडपीठ ने पूर्व की सुनवाई में पहले दिए गए आदेशों का उल्लेख करते हुए कहा था कि हजारीबाग शहर में पार्किंग स्थलों से अतिक्रमण हटाना, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराना और खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को चालू करना जरूरी है. कोर्ट ने यह भी नोट किया था कि वर्ष 2017 में लगाए गए लगभग 160 कैमरे एएमसी (Annual Maintenance Contract) नहीं होने के कारण बंद पड़े हैं.

 

 

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