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धनबादः कुड़मी की एसटी दर्जे की मांग के विरोध में सोनोत संथाल समाज की महारैली 13 को

सोनोत संथाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष सनातन सोरेन ने कहा कि कुड़मी समाज को आदिवासी की श्रेणी में शामिल करने का प्रयास पूरी तरह असंवैधानिक और अनुचित है. यह एक प्रेशर पॉलिटिक्स है, जिसे आदिवासी समाज किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा.
 
प्रेसवार्ता में जानकारी देते सोनोत संथाल समाज के पदाधिकारी.

Dhanbad : कुड़मी को एसटी की सूची में शामिल करने की मांग के विरोध में सोनोत संथाल समाज ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. समाज ने 13 अक्टूबर को धनबाद में विशाल महारैली आयोजित करने की घोषणा की है. महारैली में धनबाद सहित गिरिडीह, जामताड़ा, बोकारो, दुमका व आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल होंगे.


यह जानकारी मंगलवार को धनबाद के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में सोनोत संथाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष सनातन सोरेन ने दी. उन्होंने बताया कि कुड़मी समाज को आदिवासी की श्रेणी में शामिल करने का प्रयास पूरी तरह असंवैधानिक और अनुचित है. यह एक राजनीतिक दबाव की नीति (प्रेशर पॉलिटिक्स) है, जिसे आदिवासी समाज किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा.


समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी रतिलाल टुडू और अनिल टुडू ने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी एक अलग पहचान, भाषा, संस्कृति और परंपरा है. जिसे किसी भी राजनीतिक स्वार्थ या लाभ के लिए कमजोर नहीं होने दिया जाएगा. 13 अक्टूबर की महारैली में संथाल परगना और कोल्हान क्षेत्र से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि भाग लेंगे और सरकार को  स्पष्ट संदेश देंगे कि आदिवासी की परिभाषा और अस्मिता से कोई समझौता नहीं होने देंगे. इस दौरान नेताओं ने सभी आदिवासी संगठनों और समाज के लोगों से एकजुट होकर इस महारैली में शामिल होने की अपील की. ताकि संविधान में प्रदत्त आदिवासी अधिकारों और पहचान की रक्षा सुनिश्चित की जा सके.


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