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धनबादः IIT-ISM व जेनिथ अनमैन्ड सिस्टम्स के बीच एमओयू

आईएसएम के डीन प्रो. आलोक कुमार दास ने कहा कि यह समझौता हमारे नवाचारों को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में ठोस समाधान में बदलने की दिशा में बड़ा कदम है. जेनिथ अनमैन्ड सिस्टम्स के साथ मिलकर हम भारत को रक्षा तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहे हैं.
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स्वदेशी एआई आधारित रक्षा ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में मिलकर करेंगे काम 


Dhanbad : आईआईटी-आईएसएम, धनबाद के सीआईआईई फाउंडेशन व जेनिथ अनमैन्ड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच गुरुवार को एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ. इस एमओयू का उद्देश्य देश में स्वदेशी, एआई-संचालित और स्टेल्थ ड्रोन तकनीक के विकास को गति देना है, जो भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा. साझेदारी के तहत विकसित किए जा रहे ड्रोन में लो रडार विजुबिलिटी, AI और मशीन लर्निंग (ML) आधारित फीचर्स शामिल होंगे.


 यह ड्रोन स्वचालित मिशन योजना, स्वॉर्म ऑपरेशन और सटीक लक्ष्य साधने में सक्षम होगा. साथ ही यह हल्का किफायती और आसानी से असेंबल होने वाला होगा, जिससे इसकी त्वरित तैनाती संभव होगी. यह तकनीकी पहल पूरी तरह से मेक इन इंडिया अभियान की भावना के अनुरूप है. आईआईटी-आईएसएम के डीन (इंडस्ट्री एंड इनोवेशन एंटरप्रेन्योरशिप) प्रो. आलोक कुमार दास ने कहा कि यह समझौता हमारे नवाचारों को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में ठोस समाधान में बदलने की दिशा में बड़ा कदम है. जेनिथ अनमैन्ड सिस्टम्स जैसी स्टार्टअप्स के साथ मिलकर हम भारत को रक्षा तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहे हैं.


उन्होंने कहा कि आईआईटी-आईएसएम के सीआईआईई फाउंडेशन का उद्देश्य नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है. ताकि देश में उन्नत तकनीक, स्थायित्व और सुरक्षा से जुड़ी नई संभावनाएं विकसित की जा सकें.


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