- संविदा कर्मियों को वित्तीय कार्य नहीं सौंपने की हिदायत
Dhanbad : जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से डीसी आदित्य रंजन ने 43 कर्मियों का विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में तबादला किया है. इनमें 34 निम्न वर्गीय लिपिक, एक कार्यालय अधीक्षक, पांच प्रधान लिपिक और तीन उच्च वर्गीय लिपिक शामिल हैं.
जारी आदेश के तहत, जिला राजस्व शाखा के कार्यालय अधीक्षक को जिला पंचायत कार्यालय भेजा गया है. वहीं जिला निर्वाचन शाखा के प्रधान लिपिक का तबादला जिला आपूर्ति कार्यालय, गोपनीय शाखा के प्रधान लिपिक का अनुमंडल कार्यालय, पंचायत कार्यालय के प्रधान लिपिक का भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय और अनुमंडल कार्यालय के प्रधान लिपिक का विधि व्यवस्था कोषांग में किया गया है.
इसके अलावा जिला आपूर्ति शाखा के उच्च वर्गीय लिपिक को जिला अभिलेखागार, जिला भू-अर्जन कार्यालय के उच्च वर्गीय लिपिक को जिला गोपनीय शाखा और जिला विकास शाखा के उच्च वर्गीय लिपिक को जिला राजस्व शाखा में स्थानांतरित किया गया है.
यही नहीं उपायुक्त ने जिला स्थापना शाखा, सामान्य शाखा, राजस्व शाखा, विधि व्यवस्था कोषांग, भूमि सुधार कार्यालय, जन शिकायत कोषांग, अनुमंडल कार्यालय, पंचायत कार्यालय के अलावा धनबाद, निरसा, तोपचांची, गोविंदपुर, पूर्वी टुंडी, टुंडी, झरिया, बलियापुर, बाघमारा, एगारकुंड और कलियासोल के प्रखंड व अंचल कार्यालयों में कार्यरत 34 निम्न वर्गीय लिपिकों का भी अन्य कार्यालयों में स्थानांतरण किया है.
उपायुक्त ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश और प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखकर कर्मियों का तबादला किया गया है. कहा कि जो कर्मी तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही कार्यालय में पदस्थापित थे, उनका तबादला किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके.
डीसी ने सभी कर्मियों को 26 मई तक नए कार्यालय में योगदान देने का आदेश दिया है. उपायुक्त ने संबंधित कार्यालय प्रभारियों को स्थानांतरित कर्मियों को 25 मई तक विरमित करने का निर्देश दिया है. साथ ही कहा है कि यदि 26 मई कर उन्हें विरमित नहीं किया जाता है तो वह स्वतः विरमित माने जाएंगे.
डीसी ने कहा है कि मई महीने का वेतन संबंधित कर्मियों को नए कार्यालय से प्राप्त होगा.
उपायुक्त ने वित्तीय कार्यों को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि विपत्र कार्य के प्रभार से जुड़े वैसे लिपिक एवं प्रधान लिपिक, जिनकी तीन वर्ष से अधिक की पदस्थापन अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन स्थानांतरण नहीं हुआ है, वे तत्काल वित्तीय प्रभार अन्य कर्मियों को सौंप दें.
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में संविदा या एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्य का दायित्व नहीं सौंपा जाएगा. संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है.
इसके अलावा सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (डीडीओ) को भी डिजिटल सिग्नेचर और ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने का निर्देश दिया गया है. उपायुक्त ने इसे गंभीर प्रशासनिक एवं वित्तीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है.
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