- सुरक्षा पर जताई गंभीर चिंता
Dhanbad : धनबाद रेल मंडल के रनिंग स्टाफ ने मंगलवार को ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया. यह विरोध रेलवे प्रशासन द्वारा जारी उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें ऑफ लीव या सिक लीव से लौटे कर्मचारियों को रात 12 बजे से ही फर्स्ट कॉल देने का निर्देश दिया गया है.
संगठन ने इस आदेश को अव्यावहारिक, अमानवीय और सुरक्षा मानकों के खिलाफ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है. प्रदर्शन के दौरान धनबाद मंडल के विभिन्न क्रू लॉबी में कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.

AILRSA के पदाधिकारियों का कहना है कि 30 अप्रैल को जारी संदेश और 1 मई की बैठक में दिए गए निर्देश रेलवे बोर्ड के स्थापित नियमों के विपरीत है. उनका आरोप है कि अवकाश, बीमारी या प्रशिक्षण के बाद कर्मचारियों को ऑड आवर्स में ड्यूटी पर बुलाना नियमों के खिलाफ है.
फिर भी धनबाद मंडल में जबरन आधी रात से कॉल लेने का दबाव बनाया जा रहा है. संगठन ने चेताया कि इस तरह की व्यवस्था से न सिर्फ कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, बल्कि रेलवे संचालन की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है.
उनका कहना है कि थके हुए और मानसिक दबाव में काम करने वाले लोको पायलट से सुरक्षित संचालन की उम्मीद करना जोखिम भरा है.
AILRSA ने यह भी मुद्दा उठाया कि धनबाद मंडल में लोको रनिंग स्टाफ की 25 से 30 प्रतिशत तक कमी है. बावजूद इसके कर्मचारियों से लगातार अतिरिक्त ड्यूटी ली जा रही है और छुट्टियों में कटौती की जा रही है, जिससे उन पर काम का दबाव बढ़ता जा रहा है. साथ ही कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है.
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने हाल के दिनों में हुई तीन SPAD (Signal Passed at Danger) घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि प्रशासन मूल समस्याओं को दूर करने के बजाय कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है, जो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है.
वहीं प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मंडल अध्यक्ष एस.के. सिंह ने कहा कि यह आदेश पूरी तरह सुरक्षा के खिलाफ है. यदि इसे तत्काल वापस नहीं लिया गया तो संगठन और बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा.
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