Search

 
 
 

Dhanbad News: रैयतों को न्याय व राजस्व को लेकर विधानसभा समिति सख्त

खनन प्रभावित रैयतों की जमीन, सरकारी भूमि के उपयोग और विभिन्न कंपनियों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण के मामलों को लेकर विधानसभा की ध्यान आकर्षण विशेष समिति ने सख्त रुख अपनाया है.
 

Dhanbad: खनन प्रभावित रैयतों की जमीन, सरकारी भूमि के उपयोग और विभिन्न कंपनियों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण के मामलों को लेकर विधानसभा की ध्यान आकर्षण विशेष समिति ने सख्त रुख अपनाया है. धनबाद परिसदन में आयोजित तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के अंतिम दिन बुधवार को समिति ने बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल और डीवीसी द्वारा उपयोग की जा रही जमीनों की विस्तृत समीक्षा की तथा लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए.


समिति ने स्पष्ट किया कि रैयतों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और सरकारी भूमि के उपयोग के एवज में बकाया राजस्व की वसूली सुनिश्चित की जाए. बैठक में विभिन्न अंचलों से जुड़े भूमि विवाद, मुआवजा, पुनर्वास और सरकारी भूमि पर कब्जे से संबंधित मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई.

 

समिति के अध्यक्ष एवं टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने बताया कि सभी अंचल अधिकारियों को संबंधित रैयतों की जमीन का सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि समिति ने दामोदर नदी क्षेत्र का निरीक्षण भी किया, जहां बीसीसीएल द्वारा ओबी (ओवरबर्डन) डंप किए जाने की शिकायत मिली है. 


निरीक्षण के दौरान नदी की भूमि पर अतिक्रमण की आशंका सामने आई है, जिसकी निष्पक्ष जांच के लिए ड्रोन सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाएगा कि दामोदर नदी और आसपास की सरकारी भूमि का कितना हिस्सा प्रभावित हुआ है. यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

 

बैठक में मौजूद निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने बताया कि बलियापुर और झरिया अंचल के अधिकारियों ने रैयतों के साथ बैठक कर कई विवादों का समाधान कर लिया है. उन्होंने कहा कि न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर शेष सभी मामलों का निपटारा एक माह के भीतर करने का निर्देश दिया गया है.

 

उन्होंने यह भी बताया कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) द्वारा सरकारी भूमि उपयोग के एवज में लगभग 80 प्रतिशत राशि जमा कर दी गई है. जबकि शेष 20 प्रतिशत राशि अगले 15 दिनों के भीतर जमा करने को कहा गया है. इससे राज्य सरकार को राजस्व प्राप्ति में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी.

 

वहीं सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि समिति के समक्ष आए सभी आवेदनों की समीक्षा कर उनकी प्रगति रिपोर्ट रैयतों और संबंधित अधिकारियों के साथ साझा की गई है. उन्होंने विश्वास जताया कि पात्र रैयतों को जल्द ही उनके अधिकारों और लाभों का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.


उन्होंने कहा कि विभिन्न कंपनियों द्वारा उपयोग की जा रही सरकारी जमीन का राजस्व निर्धारण कार्य भी तेज गति से चल रहा है. अब तक लगभग 220 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को प्राप्त हो चुका है जबकि अंतिम मूल्यांकन के बाद यह राशि एक हजार करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचने की संभावना है.

 

तीन दिनों तक चली इस महत्वपूर्ण बैठक में भूमि विवाद, मुआवजा, पुनर्वास, सरकारी भूमि उपयोग और अतिक्रमण से जुड़े कई मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ. समिति ने संकेत दिया है कि तय समय सीमा के भीतर सभी मामलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की जा सकती है.

 

विधानसभा की ध्यान आकर्षण विशेष समिति की इस पहल से वर्षों से लंबित रैयती मामलों के समाधान की उम्मीद जगी है. साथ ही सरकारी भूमि के उपयोग और अतिक्रमण से जुड़े मामलों में राज्य सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व प्राप्त होने का रास्ता भी साफ होता दिखाई दे रहा है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही