Dhanbad: राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शनिवार को सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा के नेतृत्व में सदर सीएचसी से सिविल सर्जन कार्यालय तक जागरूकता रैली निकाली गई. रैली का माध्यम से लोगों को डेंगू से बचाव और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया.इस मौके पर सिविल सर्जन ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारी जांच करें, सफाई करें और ढकें रखी गई है.
उन्होंने कहा कि डेंगू के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है. डेंगू संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाली विषाणु जनित और अधिसूचित बीमारी है. यह मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपते है. समय पर जांच और इलाज नहीं होने पर यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है.
डॉ. विश्वकर्मा ने बताया कि अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, मसूड़ों से खून आना, भूख नहीं लगना और भोजन में अरुचि डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं.ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच और इलाज कराना चाहिए.डेंगू से बचाव के लिए उन्होंने लोगों से घर और आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की.
उन्होंने कहा कि पुराने टायर, टूटे बर्तन और अनुपयोगी वस्तुओं में पानी जमा नहीं होने दें.पानी की टंकी, कूलर, फ्रीज ट्रे और फूलदान की सप्ताह में कम से कम एक बार सफाई कर उन्हें सुखाना जरूरी है. साथ ही पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें, बुखार होने पर पर्याप्त पानी पिएं और सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस जरूर मनाएं.
वहीं सिविल सर्जन ने डेंगू के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में एलाइजा जांच के दौरान 662 लोगों की जांच में 109 मरीज मिले थे. वर्ष 2024 में 1060 जांच में 170 मरीज, वर्ष 2025 में 606 जांच में 31 मरीज तथा इस वर्ष अब तक 64 जांच में 2 मरीज मिले हैं.
राहत की बात यह रही कि अब तक डेंगू से एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है.रैली में वीबीडी सलाहकार रमेश कुमार सिंह, मलेरिया इंस्पेक्टर, एनसीसी बॉयज एवं गर्ल्स, सहिया, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी मौजूद थे.
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