Dhanbad : धनबाद नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर पार्षदों की नाराजगी सोमवार को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में खुलकर सामने आ गई. स्थायी समिति के सदस्यों ने वार्डों में सफाईकर्मियों की संख्या में कटौती, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में हो रही देरी, लंबित विकास कार्यों और पूर्व में पारित प्रस्तावों के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से तीखे सवाल किए.
पार्षदों ने कहा कि कई बार शिकायतें और प्रस्ताव देने के बावजूद उन पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती. इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. निगम प्रशासन जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा है.
पार्षद जय कुमार ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी आवाज न तो स्टैंडिंग कमेटी में सुनी जाती है और न ही निगम बोर्ड की बैठकों में. जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में महीनों ही नहीं, बल्कि कई मामलों में वर्षों लग जा रहा है. इससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.
पार्षद छोटू सिंह ने कहा कि पिछली बोर्ड बैठक में जिन प्रस्तावों को पारित किया गया था, उनमें से कई आज तक धरातल पर नहीं उतर सके हैं. उन्होंने निगम प्रशासन से लंबित योजनाओं की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. महिला पार्षदों ने भी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि बैठक का एजेंडा पहले से उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
मेयर संजीव सिंह ने निगम की कार्यशैली को लेकर उठे सवालों पर कहा कि पार्षदों की नाराजगी गंभीर विषय है. स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में कई नए प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाना था, लेकिन स्थायी समिति के सदस्यों ने पहले की बैठकों में पारित प्रस्तावों की कार्य प्रगति पर अधिकारियों से जवाब मांगा. इसी कारण नए एजेंडों पर निर्णय नहीं हो सका. अधिकारियों से लंबित प्रस्तावों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि अगली बैठक में आवश्यक निर्णय लिए जा सकें और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके.
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