Dhanbad News : रणधीर वर्मा चौक पर शनिवार को भाकपा माले ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग का पुतला फूंका और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की. प्रदर्शन में आयशा छात्र संगठन के छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया.
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग उठाई. माले नेताओं ने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद चुनाव प्रक्रिया और मतों से जुड़े गंभीर सवाल सामने आए हैं. नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने देश के नागरिकों को मतदान का अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ऐसे में इस अधिकार की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की.
माले नेताओं ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर पार्टी की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया गया था. पार्टी के मुताबिक वहां पार्टी महासचिव, किसान नेता पुरुषोत्तम शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, बुद्धिजीवी जोगेंद्र जाधव और छात्र नेता नेहा समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया.
धनबाद में प्रदर्शन के दौरान माले नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ पूरे मामले की जांच कराने की मांग की. साथ ही बिहार और पश्चिम बंगाल समेत जिन राज्यों में चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद और अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं वहां चुनाव रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग भी उठाई.
माले नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन झारखंड से दिल्ली तक जारी रहेगा.

