Search

Dhanbad News: 132 तालाब-बांधों के जीर्णोद्धार पर करोड़ों खर्च, फिर भी गुणवत्ता व अनियमितता पर उठ रहे सवाल

Dhanbad: जिले में जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से लघु सिंचाई विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर तालाबों और छोटे बांधों के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है. विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये की लागत से 132 तालाबों एवं छोटे बांधों का पुनरुद्धार कार्य चल रहा है. हालांकि इन परियोजनाओं को लेकर कई क्षेत्रों से अनियमितता, गुणवत्ता में कमी और कार्यों में देरी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.

 

ग्रामीणों का आरोप है कि कई योजनाओं में कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है. जबकि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है. दूसरी ओर विभागीय अधिकारी सभी आरोपों को निराधार बताते हुए दावा कर रहे हैं कि कार्य निर्धारित प्रक्रिया और तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है. उनका कहना है कि मानसून शुरू होने से पहले अधिकांश योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

 

बारकेतनी छोटा बांध को लेकर उठे सवाल

 

पूर्वी टुंडी क्षेत्र में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से संचालित बारकेतनी छोटा बांध जीर्णोद्धार योजना को लेकर ग्रामीणों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर कई स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है. ग्रामीणों ने कार्यों की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की है.

 

महुल गड़िया तालाब की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीण


वहीं गोविंदपुर प्रखंड के महुल गड़िया तालाब की सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. ग्रामीणों के अनुसार, यह तालाब क्षेत्र के हजारों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है. यहां बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन किया जाता है और धार्मिक आयोजनों के दौरान लोग स्नान एवं अन्य अनुष्ठान भी करते हैं.

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब में गाद जमा होने और नियमित सफाई नहीं होने के कारण जल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है. दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने विभाग से शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की है.

चाची बांध के जीर्णोद्धार कार्य पर भी उठे गुणवत्ता संबंधी सवाल

 

टुंडी प्रखंड मुख्यालय के समीप लगभग 30 लाख रुपये की लागत से चल रहे चाची बांध जीर्णोद्धार कार्य को लेकर भी स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि खुदाई, मिट्टी भराई और मेढ़ मरम्मत जैसे कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है. 

 

हालांकि कार्य करा रहे संवेदक विक्रम भरद्वाज ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि निर्माण कार्य विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है और सरकारी राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता तथा गुणवत्ता के साथ हो रहा है.

 

193 तालाबों की स्वीकृति, 132 पर चल रहा कार्य

 

लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता जितेंद्र महतो के अनुसार जिले में कुल 193 तालाबों एवं जलाशयों के जीर्णोद्धार की स्वीकृति प्राप्त हुई है. इनमें से 132 योजनाओं पर वर्तमान में कार्य चल रहा है. जबकि शेष 61 योजनाओं का एकरारनामा मानसून के बाद किया जाएगा. 

 

उन्होंने कहा कि अधिकांश परियोजनाओं की लागत 4 लाख रुपये से लेकर 74 लाख रुपये तक है. विभाग का लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले लगभग 130 योजनाओं को पूरा करने का है ताकि वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण किया जा सके और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके.

 

ड्रोन सर्वे और नियमित निगरानी का दावा

 

विभाग का कहना है कि प्रत्येक योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्री और पोस्ट मेजरमेंट, तकनीकी सत्यापन तथा ड्रोन सर्वेक्षण कराया जा रहा है. इसके अलावा उपायुक्त और उप विकास आयुक्त स्तर से भी समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण किए जा रहे हैं.

 

बावजूद इसके विभिन्न इलाकों से लगातार मिल रही शिकायतें यह संकेत देती हैं कि योजनाओं की गुणवत्ता, निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर लोगों की अपेक्षाएं अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो पाई है.

 

मानसून से पहले होगी असली परीक्षा

जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शुरू की गई इन महत्वाकांक्षी योजनाओं की सफलता अब काफी हद तक उनके गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन पर निर्भर करेगी. 

 

ग्रामीणों की शिकायतों और विभागीय दावों के बीच मानसून से पहले यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे ये कार्य वास्तव में कितने प्रभावी साबित होते हैं और क्षेत्र के किसानों व ग्रामीणों को कितना लाभ पहुंचा पाते हैं.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//