- घनुडीह में आउटसोर्सिंग विस्तार का विरोध
- ग्रामीणों ने परियोजना विस्तार पर जताई आपत्ति
- घटनास्थल से मिला खोखा
- मौके पर पहुंचे मेयर संजीव सिंह
Dhanbad : झरिया थाना क्षेत्र के घनुडीह स्थित चीनकोठी बस्ती से सटे इलाके में सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार को लेकर बुधवार को ग्रामीणों और कंपनी समर्थकों के बीच जमकर विवाद हुआ. ओवरबर्डन (ओबी) डंपिंग के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया.
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने कंपनी समर्थकों पर मारपीट और हवाई फायरिंग करने का आरोप लगाया है. हालांकि घटना की सूचना मिलते ही घनुडीह ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.
मामले की जानकारी मिलते ही धनबाद मेयर संजीव सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली. पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है, जिसके बाद फायरिंग के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है.

बस्ती के समीप ओबी डंपिंग का विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार के तहत बस्ती के बेहद नजदीक ओबी डंप किया जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि इससे पर्यावरणीय खतरे के साथ-साथ स्थानीय लोगों के जीवन और संपत्ति पर भी असर पड़ सकता है.
इसी कारण ग्रामीणों ने डंपिंग कार्य का विरोध किया और तत्काल इसे बंद करने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन को अपनी चिंताओं से अवगत कराया गया. लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया. इसके बाद लोगों ने एकजुट होकर स्थल पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया.

मारपीट और फायरिंग के आरोप से मचा हड़कंप
विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बिगड़ गया, जब ग्रामीणों और कंपनी समर्थकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों को डराने और आंदोलन को दबाने के लिए कंपनी समर्थकों ने मारपीट की.
इसके साथ ही लोगों में भय पैदा करने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग भी की गई. घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. महिलाएं और बच्चे भयभीत हो गए. फायरिंग की सूचना फैलते ही आसपास के क्षेत्रों में भी तनाव का माहौल बन गया.

ग्रामीणों का दावा, मारपीट में टूटा हाथ
स्थानीय ग्रामीण सुनील कुमार मंडल ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा अवैध रूप से ओबी डंपिंग की जा रही थी. जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो लगभग 25 से 30 लोग वहां पहुंचे और विरोध कर रहे लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी.
उन्होंने बताया कि मारपीट के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनका हाथ टूट गया. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान गोली भी चलाई गई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई. घायल ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

घटनास्थल से खोखा बरामद
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से एक खोखा बरामद होने की बात सामने आई है. खोखा मिलने के बाद फायरिंग के आरोपों को लेकर मामला और गंभीर हो गया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोली किसने चलाई, किस हथियार का इस्तेमाल हुआ और घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं.
मेयर ने उच्चस्तरीय बैठक तक काम रोकने की कही बात
मौके पर पहुंचे मेयर संजीव सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की आपत्तियों के बावजूद बस्ती के समीप ओबी डंपिंग की जा रही थी, जिससे लोगों में आक्रोश है. उन्होंने कहा कि विरोध कर रहे लोगों के साथ मारपीट किए जाने और फायरिंग के आरोप बेहद गंभीर हैं.
संजीव सिंह ने कहा कि यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक इस पूरे मामले पर प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और ग्रामीणों के साथ उच्चस्तरीय बैठक नहीं हो जाती, तब तक विवादित स्थल पर ओबी डंपिंग या किसी नए कार्य की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो करेंगे बड़ा आंदोलन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे. फिलहाल घनुडीह क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है. लेकिन पूरे घटनाक्रम को लेकर लोगों में आक्रोश और असंतोष बना हुआ है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment