Search

 
 
 

Dhanbad News : बारामुड़ी खटाल के मुद्दे पर पूर्व विधायक आबो देवी डीसी से मिलीं, मांगी राहत

Dhanbad News: आबो देवी ने कहा कि 20-21 साल पहले तत्कालीन डीसी बीला राजेश के कार्यकाल में जनता दरबार लगाकर इन परिवारों को बारामुड़ी में बसाया गया था. ऐसे में इतने वर्षों बाद इन परिवारों को उजाड़ना कहां का इंसाफ है.
 
स्थानीय लोगों के साथ डीसी से मिलने जातीं आबो देवी.
  • डीसी बोले- हर हाल में खाली कराई जाएगी जमीन

Dhanbad News : झारखंड के धनबाद शहर के बारामुड़ी खटाल में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा मंडराने लगा है. जिला प्रशासन ने करीब 20 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी तेज कर दी है. धनबाद अंचल कार्यालय की ओर से जमीन की मापी, अस्थायी घरों की नंबरिंग और सीमांकन का काम शुरू कर दिया गया है. प्रशासनिक कार्रवाई से खटाल में रहने वाले परिवारों में चिंता और आक्रोश है.

 

इसे भी पढ़ें


प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को झरिया की पूर्व विधायक आबो देवी के नेतृत्व में खटाल के लोग समाहरणालय पहुंचे. आबो देवी ने डीसी आदित्य रंजन से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों की समस्याओं से अवगत कराया और लोगों को वहां से नहीं हटाने का आग्रह किया. कहा कि यदि जमीन खाली कराना जरूरी है, तो पहले सभी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए. उन्होंने परिवारों को पर्याप्त समय देने की मांग भी की.


आबो देवी ने कहा कि 20-21 साल पहले तत्कालीन डीसी बीला राजेश के कार्यकाल में जनता दरबार लगाकर इन परिवारों को बारामुड़ी में बसाया गया था. ऐसे में इतने वर्षों बाद इन परिवारों को उजाड़ना कहां का इंसाफ है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खटाल वासियों को बिना उचित व्यवस्था किये हटाया गया, तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा.


वहीं सुंदर यादव ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने आवास, रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है. प्रशासन को कार्रवाई से पहले इन परिवारों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.


अवैध गतिविधियों का हवाला देकर डीसी ने दिखाई सख्ती

बारामुड़ी खटाल को लेकर डीसी आदित्य रंजन ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि खटाल क्षेत्र में अवैध और आपराधिक गतिविधियां होने की सूचनाएं लगातार मिल रही थीं. पिछले दिनों पुलिस ने यहां से हथियार भी बरामद किया था. इसके अलावा ड्रग्स, चरस और अन्य मादक पदार्थों के कारोबार की भी शिकायतें सामने आई हैं. हाल में एक होटल में युवक की हत्या की घटना में भी खटाल के युवकों की संलिप्तता की बात सामने आई है.


उन्होंने कहा कि शहर के भीतर खटाल होने से आम लोगों को भी परेशानी होती है. मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ दिया जाता है. इससे यातायात बाधित होता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है. मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जाने की बात भी सामने आई है. डीसी ने स्पष्ट कहा कि बारामुड़ी खटाल की जमीन पूरी तरह सरकारी है और इसे हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. 


Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही