Dhanbad : शहर में 16 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी. इस्कॉन धनबाद के तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस वर्ष की रथ यात्रा कई मायनों में विशेष होगी. पहली बार बड़ी संख्या में आदिवासी श्रद्धालु अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्य के साथ यात्रा में शामिल होंगे.

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वहीं आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और बीआईटी सिंदरी के छात्रों द्वारा तैयार विशेष हाइड्रोलिक रथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा. रथ यात्रा स्टील गेट से शुरू होकर गोल्फ ग्राउंड स्थित गुंडीचा मंदिर तक जाएगी.

यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. इस दौरान आदिवासी कलाकारों के पारंपरिक लोकनृत्य के साथ छऊ नृत्य की प्रस्तुति भी रथ यात्रा की शोभा बढ़ाएगी. यात्रा के दौरान भगवान श्री जगन्नाथ का रथ सात स्थानों पर रुकेगा, जहां 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे. इसके बाद रथ यात्रा का समापन गोल्फ ग्राउंड स्थित गुंडीचा मंदिर में होगा.
चार दिवसीय धार्मिक मेले का होगा आयोजन
रथ यात्रा के समापन के बाद गोल्फ ग्राउंड में चार दिवसीय धार्मिक मेले का आयोजन किया जाएगा. यहां गुंडीचा मंदिर का स्वरूप तैयार किया जा रहा है. मेले में प्रतिदिन भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आध्यात्मिक प्रवचन और श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी. आयोजकों के अनुसार मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
दुनिया भर में मनाया जाता है रथ यात्रा महोत्सव
भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा ओडिशा का प्राचीन और विश्वविख्यात धार्मिक उत्सव है. इस्कॉन ने वर्ष 1967 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में पहली बार श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन कर इसकी वैश्विक शुरुआत की थी. आज विश्व के अनेक प्रमुख शहरों में इस्कॉन द्वारा रथ यात्रा महोत्सव आयोजित किया जाता है. भारत में भी प्रतिवर्ष 300 से अधिक स्थानों पर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाती है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विविधता व भक्ति के अनूठे संगम के साथ इस वर्ष की श्री जगन्नाथ रथ यात्रा धनबादवासियों के लिए एक यादगार और भव्य आयोजन बनने जा रही है.
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