Dhanbad News : धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र के बेनीडीह रेलवे साइडिंग में वर्ष 2022 में हुए चर्चित गोलीकांड की फाइलें एक बार फिर खुल गई हैं. इस गोली कांड में चार ग्रामीणों की मौत हुई थी. मामले की जांच के लिए दिल्ली से मानवाधिकार आयोग की उच्चस्तरीय टीम बुधवार को धनबाद पहुंची.
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टीम की अगुवाई आयोग के डीआईजी गौरव गर्ग कर रहे हैं. टीम बीसीसीएल एरिया वन के हरिणा स्थित गेस्ट हाउस में घटना के समय तैनात रहे पुलिस अफसरों और पीड़ित परिवारों से गहन पूछताछ कर रही है.
दिल्ली से आई आयोग की टीम के साथ धनबाद के ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब, बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल और थाना प्रभारी अजीत कुमार भी हैं. टीम ने घटना के समय जिम्मेदारी संभाल रहे पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को समन भेजकर हरिणा गेस्ट हाउस बुलाया. इनमें केस के आईओ सह कतरास के तत्कालीन थाना प्रभारी रणधीर सिंह, बाघमारा के तत्कालीन थाना प्रभारी सूबेदार यादव व SI शरत कुमार शामिल हैं.
यह है पूरा मामला
19 व 20 नवंबर 2022 की दरम्यानी रात बेनीडीह रेलवे साइडिंग में CISF जवानों व कोयला चोरी (कथित) के लिए पहुंचे ग्रामीणों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में चार ग्रामीण प्रीतम चौहान, शहजादा खान उर्फ जलाउद्दीन, अताउल्ला अंसारी व शमीम अंसारी की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं बादल रवानी व रमेश रविदास गंभीर रूप से घायल हुए थे.
घटना के बाद से ही दोनों पक्षों के दावों में भारी विरोधाभास रहा है.सीआईएसएफ के अनुसार, जवानों पर जानलेवा हमला किया गया था. इसके जवाब में उन्हें आत्मरक्षा में मजबूरन गोली चलानी पड़ी थी. वहीं, पीड़िच परिजनों ने सीआईएसएफ के दावों को खारिज करते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई बताया था. मृतक प्रीतम चौहान की पत्नी सोनिया देवी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी.
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