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Dhanbad News : धनबाद-गया रेलखंड में कवच 4.0 शुरू, 76 किमी सेक्शन अब अत्याधुनिक सुरक्षा दायरे में

Dhanbad : देश के सबसे व्यस्त हावड़ा-नई दिल्ली मुख्य रेलखंड पर ट्रेन परिचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में रेलवे तेजी से काम कर रहा है. धनबाद-गया रेलखंड के सरमाटांड़ से निमियाघाट तक 76 किलोमीटर लंबे सेक्शन में स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 लागू कर दी गई है. इसके साथ ही इस सेक्शन में ट्रेनों का परिचालन अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक की निगरानी में शुरू हो गया है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कवच प्रणाली लागू होने से ट्रेन दुर्घटनाओं में कमी आएगी.

 


रेलवे ने कवच परियोजना के विस्तार की विस्तृत योजना तैयार की है. अगले चरण में निमियाघाट से प्रधानखंता तक इस सुरक्षा प्रणाली को स्थापित किया जाएगा. सितंबर तक निमियाघाट से तेतुलमारी सेक्शन में कवच प्रणाली का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. जबकि अक्टूबर तक तेतुलमारी-धनबाद-प्रधानखंता खंड में भी इसे लागू कर दिया जाएगा. परियोजना पूरी होने के बाद धनबाद मंडल का एक बड़ा हिस्सा अत्याधुनिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के दायरे में आ जाएगा.

 

163 रूट किलोमीटर पर चालू हुआ कवच 4.0

 

भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क के तीन महत्वपूर्ण सेक्शनों में कुल 163 रूट किलोमीटर पर कवच वर्जन 4.0 को चालू कर दिया है. इनमें धनबाद मंडल का सरमाटांड़-निमियाघाट सेक्शन (76 किमी), डीडीयू मंडल का फ्लाईओवर केबिन-भभुआ रोड सेक्शन (43 किमी) और डीडीयू मंडल का सासाराम-फेसर सेक्शन ( 44 किमी) शामिल हैं. रेलवे का लक्ष्य आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख रेल मार्गों पर कवच प्रणाली को व्यापक रूप से लागू करना है.

 

 

 

क्या है कवच 4.0

 

कवच 4.0 भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है. यह प्रणाली ट्रेन संचालन के दौरान होने वाली मानवीय त्रुटियों को कम करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तैयार की गई है. यह तकनीक विशेष रूप से सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD) जैसी स्थिति में स्वतः सक्रिय होकर ट्रेन को सुरक्षित बनाती है. यदि किसी कारणवश लोको पायलट लाल सिग्नल पार करने का प्रयास करता है तो कवच प्रणाली स्वतः हस्तक्षेप कर ट्रेन को नियंत्रित कर सकती है.

 

कोहरे और खराब मौसम में भी मिलेगी सुरक्षा

 

माइक्रोप्रोसेसर, जीपीएस, रेडियो संचार और अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक पर आधारित कवच प्रणाली कम दृश्यता, घने कोहरे और प्रतिकूल मौसम में भी प्रभावी ढंग से कार्य करती है.यह लोको पायलट को सिग्नल, गति सीमा, लेवल क्रॉसिंग गेट की स्थिति, गलत दिशा में ट्रेन संचालन तथा रिवर्स मूवमेंट जैसी परिस्थितियों के बारे में स्वतः अलर्ट प्रदान करती है.

 

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती- डीआरएम

 

धनबाद रेल मंडल के डीआरएम अखलेश मिश्र ने कहा कि कवच वर्जन 4.0 भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का सबसे उन्नत संस्करण है. इसे परिचालन अनुभव, तकनीकी सुधार और स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर लगातार विकसित किया गया है.उन्होंने बताया कि अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा अनुमोदित यह प्रणाली भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी और भविष्य में रेल दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

 


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