Dhanbad : धनबाद डीसी आदित्य रंजन ने जिले में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक की. बैठक में जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की गतिविधियों, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, रिकॉर्ड संधारण आदि पर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया जिसमें अल्ट्रासोनोग्राफी (USG) क्लिनिक के पीसी एंड पीएनडीटी फॉर्म-बी जमा करने के लिए डीसी के फर्जी हस्ताक्षर वाले दस्तावेजों के इस्तेमाल की बात सामने आई. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने धनबाद स्थित डॉ मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ मिहिर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया.
डीसी ने कहा कि सरकारी दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी. डीसी ने जिले में बिना लाइसेंस संचालित क्लीनिकों व अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया. इसके लिए जिला स्तर पर नॉन मेडिकल छापेमारी दल गठित करने का फैसला लिया गया, जो विभिन्न केंद्रों में औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करेगा.
डीसी ने स्पष्ट कहा कि लिंग चयन और भ्रूण लिंग जांच जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम समाज में लैंगिक संतुलन बनाए रखने और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण कानून है. इसके उल्लंघन पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा.
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने उन अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर भी चिंता जताई जिनका फॉर्म-एफ रिकॉर्ड शून्य या बेहद कम पाया गया। उन्होंने ऐसे सभी केंद्रों को नोटिस जारी करते हुए आवश्यक प्रक्रिया के तहत मशीन जमा कराने की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया. बैठक में सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, पीसी एंड पीएनडीटी के सहायक नोडल पदाधिकारी डॉ विकास राणा, कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार मिश्रा सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे.
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