Dhanbad News : बाल कल्याण समिति (CWC) के अथक प्रयासों से दो साल से बिछड़े एक 6-7 साल के मासूम को आखिरकार उसकी मां का आंचल मिल गया. CWC की मुस्तैदी और तकनीकी जांच के जरिए बच्चे की पहचान पूरी हुई, जिसके बाद उसे उसकी मां को सौंप दिया गया.
ऐसे शुरू हुई थी तलाश
13 सितंबर 2024 को धनबाद रेल थाना पुलिस ने इस मासूम को रेस्क्यू किया था. चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए बच्चे को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया गया. परिजन न मिलने के कारण बच्चा पिछले दो वर्षों से शेल्टर होम (सेंटर) में रह रहा था जबकि CWC लगातार उसके परिवार की खोजबीन में जुटी हुई थी.
आधार वेरिफिकेशन से मिला अहम सुराग
CWC की सदस्य ममता अरोड़ा ने जानकारी दी कि शुरुआती जांच में बच्चे का पता मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) का सामने आया था. हालांकि जब बच्चे का आधार वेरिफिकेशन कराया गया तब उसकी मां का मोबाइल नंबर और मुरैना (मध्य प्रदेश) का स्थायी पता मिला.
दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर पता चला कि परिवार रोजगार की तलाश में वृंदावन (मथुरा) शिफ्ट हो चुका है. इसके बाद CWC ने स्थानीय पार्षद और स्थानीय लोगों की मदद से मां की पहचान सुनिश्चित की.
वीडियो कॉल पर हुई पहचान, जेजे एक्ट के तहत सौंपी गई कस्टडी
मां-बेटे का आमना-सामना कराने के लिए CWC ने वीडियो कॉल का सहारा लिया जिसमें दोनों ने एक-दूसरे को पहचान लिया. इसके बाद जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट की धारा 95 के तहत कानूनी और ट्रांसफर की कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया.
परिवार को आर्थिक मदद देने का भी प्रयास
CWC के अधिकारियों ने बताया कि बच्चे के पिता का निधन हो चुका है और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है.ऐसे में बच्चे की बेहतर परवरिश के लिए परिवार को सरकारी स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़कर वित्तीय सहायता दिलाने की भी पहल की जाएगी.

