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Dhanbad News : साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड व अन्य डिटेल बेचने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

धनबाद साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार अपराधी की पहचान तीसरा थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार गोराई के रूप में हुई है.
 
  • 7 एटीएम कार्ड, 6 सिम कार्ड और मोबाइल बरामद

Dhanbad :  धनबाद साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार अपराधी की पहचान तीसरा थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार गोराई के रूप में हुई है.

 

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को लालच देकर उनके नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था और बाद में उन खातों को साइबर ठगों को बेच देता था. यह जानकारी साइबर 
डीएसपी प्रदीप कुमार साव ने सोमवार को साइबर थाना में प्रेस वार्ता कर दी.

 

प्रदीप कुमार साव ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुराना बरवाअड्डा थाना के सामने स्थित कृष्णा इंटरनेट कैफे में छापेमारी की गई. कार्रवाई के दौरान संतोष कुमार गोराई को गिरफ्तार किया गया. तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड तथा विभिन्न बैंकों के सात एटीएम कार्ड बरामद किए गए.

 

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था. इसके बदले उन्हें करीब पांच हजार रुपये तक का भुगतान करता था.

 

खाता खुलवाने के बाद वह संबंधित व्यक्तियों से बैंक खाते से जुड़े एटीएम कार्ड, पासबुक और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेता था. इसके बाद आरोपी इन बैंक खातों, एटीएम कार्डों और सिम कार्डों को साइबर अपराधियों को 20 से 25 हजार रुपये प्रति खाते की दर से बेच देता था.

 

इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड और अवैध लेन-देन के लिए किया जाता था. उन्होंने बताया कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था और उसके संपर्क कई साइबर अपराधियों से जुड़े हो सकते हैं.

 

साइबर पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेजों और बरामद सिम कार्डों की तकनीकी जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके माध्यम से अब तक कितने बैंक खाते साइबर अपराधियों तक पहुंचे और किन-किन राज्यों में इनका इस्तेमाल किया गया.

 

साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार साव ने ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी तीसरा थाना में मामला दर्ज है. उसके आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस गिरफ्तारी से साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले रैकेट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है और आने वाले दिनों में इस मामले में अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है.

 

साइबर डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड, पासबुक या सिम कार्ड किसी दूसरे को न सौंपें. ऐसा करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि साइबर ठगी जैसी घटनाओं में अनजाने में शामिल होने का कारण भी बन सकता है.

 

 

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