- सोमवार को वैज्ञानिकों संग होगी हाईलेवल बैठक
Dhanbad: केन्दुआडीह स्थित धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को चालू कराने की मांग को लेकर धनबाद विधायक राज सिन्हा का 24 घंटे का अनशन आखिरकार समाप्त हो गया. जिला प्रशासन की ओर से तकनीकी और वैज्ञानिक पहलुओं पर गंभीर समीक्षा का आश्वासन मिलने के बाद विधायक ने रविवार को नारियल पानी पीकर अपना अनशन तोड़ा.
उपायुक्त आदित्य रंजन ने विधायक को आश्वस्त किया कि सोमवार को वैज्ञानिकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी. जिसमें केंदुआडीह क्षेत्र में हुई भू-धंसान की घटना और सड़क की सुरक्षा को लेकर तकनीकी समीक्षा की जाएगी.
जिला प्रशासन और बीसीसीएल अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद विधायक ने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया. इस दौरान विधायक ने कहा कि सड़क बंद होने के 27 दिन बाद भी जब जिला प्रशासन और बीसीसीएल द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो उन्हें अनशन पर बैठना पड़ा.
उन्होंने दावा किया कि माडा (MADA) की ओर से करीब 15 फीट तक खुदाई की गई. लेकिन जमीन के नीचे न आग के कोई संकेत मिले और न ही गैस रिसाव की पुष्टि हुई. ऐसे में सड़क को सुरक्षित तरीके से फिर से चालू किया जा सकता है. विधायक का कहना था कि यदि सही तकनीकी उपाय अपनाए जाएं तो आवागमन बहाल करने में कोई बड़ी बाधा नहीं है.
विधायक ने वैकल्पिक मार्ग को लेकर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि जिस रास्ते से फिलहाल वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है. वह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. खासकर रात के समय उस मार्ग पर तेज रफ्तार हाइवा वाहनों का परिचालन होता है. जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
इस संबंध में उन्होंने धनबाद एसएसपी को भी जानकारी देने की बात कही. यही नहीं विधायक ने देश की तकनीकी क्षमता का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत में सैकड़ों फीट ऊंचाई पर चिनाब ब्रिज जैसे चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट पूरे किए जा सकते हैं. तो धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को सुरक्षित तरीके से चालू करना भी संभव है. अनशन स्थल पर बीसीसीएल पीबी एरिया के जीएम जीसी साहा भी पहुंचे और विधायक से वार्ता की. इस दौरान जीएम ने सड़क बंद रखने के पीछे सुरक्षा और तकनीकी कारणों की जानकारी दी.
बता दें कि लगभग 27 दिन पहले केंदुआडीह इलाके में भू-धंसान की घटना सामने आई थी. जिसके बाद एहतियातन धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को बंद कर दिया गया था. सड़क बंद होने से हजारों लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोग और व्यापारी वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही करने को मजबूर हैं जिससे समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी बढ़ता जा रहा है.
इसी मुद्दे को लेकर विधायक राज सिन्हा ने आंदोलन का रास्ता अपनाया और 24 घंटे के अनशन पर बैठ गए. अनशन के दौरान उन्होंने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर सड़क चालू कराने में सुस्ती बरतने का आरोप लगाया.
अब सोमवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की बैठक पर स्थानीय लोगों, व्यवसायियों और वाहन चालकों की नजरें टिकी हुई हैं. लोगों को उम्मीद है कि इस बैठक के बाद धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को जल्द खोलने को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाएगा.
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