- अधिकारियों से तीखी नोकझोंक
Dhanbad News: नगर निगम मुख्यालय के प्रांगण में शनिवार को निगम कर्मचारियों और मजदूरों ने लंबित मांगों को लेकर अखिल भारतीय मजदूर संगठन की जिला इकाई (धनबाद नगर निगम कर्मचारी यूनियन) के बैनर तले कर्मचारियों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल और जोरदार धरना-प्रदर्शन किया.
डराने-धमकाने के आरोपों पर आमने-सामने नेता और अधिकारी
यूनियन के वरिष्ठ नेता अंजनी सिंह ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धरना-प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे दूर-दराज के सफाई कर्मियों को डराया-धमकाया गया. उन्होंने दावा किया कि मजदूरों को नौकरी से निकालने और वेतन काटने की धमकियां दी गईं.
दूसरी ओर आरोपों को खारिज करते हुए नगर निगम के अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि डराने-धमकाने की बात पूरी तरह बेबुनियाद है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों को केवल कार्यालय के मुख्य द्वार से हटाया जा रहा था ताकि आवागमन बाधित न हो.
सुरक्षा पर सवाल, घायल मजदूर के इलाज और आर्थिक मदद की मांग
धरने के दौरान कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से गूंजा.यूनियन नेताओं ने 23 अक्टूबर को बैंक मोड़ क्षेत्र में घटी दुर्घटना का जिक्र करते हुए बताया कि डिवाइडर की सफाई के दौरान एक मजदूर तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया था. हादसे में उसकी कमर की हड्डी गंभीर रूप से टूट गई है और वह अस्पताल में भर्ती है.
संगठन ने कहा कि पीड़ित मजदूर को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा और पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए. सभी पात्र कर्मचारियों का अविलंब ईएसआई (ESI) पंजीकरण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी भी हादसे या बीमारी के दौरान उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके.
प्रमुख 25 सूत्री मांगें
कर्मचारी यूनियन ने अपनी 25 सूत्री मांगों में कई ज्वलंत मुद्दों को शामिल किया है. जिसमें कर्मचारियों के बोनस में वृद्धि तथा स्थायी व अस्थायी (आउटसोर्सिंग) कर्मियों के वेतन में सुधार ,सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान और नियमानुसार एसीपी (ACP) का लाभ,पीएफ (PF) की राशि समय पर जमा करना और हर माह अनिवार्य रूप से पे-स्लिप (वेतन पर्ची) जारी करना और गैर-कानूनी तरीके से काम से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली सफाई कार्यों में जारी कथित अनियमिताओं की उच्चस्तरीय जांच के साथ विभिन्न मांगे शामिल है.
अधिकार और सम्मान तक जारी रहेगा संघर्ष
यूनियन के अध्यक्ष अंजनी सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ न होकर मजदूरों के हक, सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम प्रशासन ने मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
यूनियन ने अपनी मांगों का ज्ञापन नगर आयुक्त, महापौर और श्रम विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है.अब यह देखना होगा कि इस आंदोलन के बाद निगम प्रशासन मजदूरों की वाजिब मांगों पर क्या कदम उठाता है.

