Dhanbad News : कतरास में हुए मुन्ना पांडेय हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस मृतक दोस्त समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों को दुर्गा पूजा के दौरान मुन्ना को 15 से 20 हजार रुपये मिलने की जानकारी मिली थी. इसी रकम को लूटने की नीयत से उन्होंने पार्टी का बहाना बनाया. मुन्ना के घर पहुंचकर पहले साथ शराब पी. इसके बाद रुपये के लिए घर खंगालने लगे. पकड़े जाने के डर से दोनों ने मुन्ना की गला रेतकर हत्या कर दी.
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यह जानकारी बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में दी. उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम ने घटनास्थल से तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की. मिले सुराग के आधार पर सोनू कुमार राय उर्फ बजरंगी और मिथुन गोप को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. दोनों आरोपी कतरास के रहने वाले हैं.
पार्टी के बहाने घर पहुंचे, फिर शुरू की रुपयों की तलाश
एसडीपीओ ने बताया कि दोनों आरोपी मुन्ना पांडेय के परिचित थे और अक्सर उनके साथ बैठकर खाते-पीते थे. उन्हें पता था कि दुर्गा पूजा में मुन्ना ने 15 से 20 हजार रुपये कमाए हैं. इसी रकम पर उनकी नजर थी. 28 अक्टूबर की रात दोनों ने मुन्ना से पार्टी मांगी. पार्टी के लिए रुपये भी मुन्ना ने ही दिए थे.
खाने-पीने के बाद जब मुन्ना नशे की हालत में सो गया, तो दोनों घर में रुपये तलाशने लगे. इसी दौरान कांसे का बर्तन गिरने से तेज आवाज हुई और मुन्ना की नींद खुल गई. पकड़े जाने के डर से दोनों ने पहले टीवी के डिश केबल तार से मुन्ना का गला दबाकर बेहोश किया. इसके बाद मिथुन गोप ने घर में रखे चाकू से उसका गला रेत दिया.
आरोपियों की गिरफ्तारी में कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, एसआई दुर्गेश कुमार सिंह, मनोज कुमार, निर्भय कुमार, पवन तिर्की, सत्येंद्र यादव, एएसआई शैलेश कुमार और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
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