
बता दें कि एनजीटी के प्रतिबंध के बाद जिला खनन विभाग ने शहर में निगरानी और छापेमारी अभियान तेज कर दी है. इसी कड़ी में खनन विभाग की टीम माइनिंग इंस्पेक्टर श्याम नंदन सिंह और ब्रह्मदेव यादव के नेतृत्व में सुरक्षा बलों के साथ निरीक्षण पर निकली थी. इस दौरान बरटांड़ बस स्टैंड के समीप धैया रोड पर बालू लदे दो मिनी ट्रकों की जांच की गई.
जांच के दौरान वाहन चालकों से बालू परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज और परिवहन चालान प्रस्तुत करने को कहा गया. लेकिन कोई वैध कागजात नहीं दिखाया जा सका. इसके बाद विभाग ने जेएच-10 एटी-8754 और जेएच-10 बीजे-7449 नंबर के दोनों वाहनों को जब्त कर धनबाद थाना के सुपुर्द कर दिया. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
खनन विभाग के अनुसार, जब्त किया गया बालू निरसा, पूर्वी टुंडी के बैजरा घाट समेत विभिन्न क्षेत्रों से लाकर शहर में बेचा जा रहा था. विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि शहर के कई इलाकों में अवैध रूप से बालू की आपूर्ति की जा रही है, जिसके बाद निगरानी बढ़ाकर यह कार्रवाई की गई.
तेलमच्चो घाट पर दिनदहाड़े चल रहा था बालू उठाव
शहर में कार्रवाई के बाद खनन विभाग की टीम तेलमच्चो स्थित दामोदर नदी बालू घाट पहुंची. वहां टीम ने पाया कि प्रतिबंध के बावजूद ट्रैक्टरों के माध्यम से नदी से बालू निकालकर लोड किया जा रहा था.अधिकारियों के पहुंचते ही अवैध खनन में लगे लोग ट्रैक्टरों की चाबी लेकर मौके से फरार हो गए.
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि NGT प्रतिबंध लागू होने के बावजूद नदी घाटों पर खुलेआम अवैध खनन कैसे जारी है. दिनदहाड़े हो रहे इस कारोबार से यह भी स्पष्ट होता है कि अवैध धंधेबाजों में कार्रवाई का भय कम नजर आ रहा है.
शहर में सक्रिय हैं बालू माफिया
सूत्रों के अनुसार, धनबाद के हीरापुर, गोल बिल्डिंग और आसपास के इलाकों में बालू माफिया धड़ल्ले से अवैध बालू की सप्लाई कर रहे हैं. इसके लिए हाईवा, मिनी ट्रक और ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. रात और तड़के सुबह बड़ी मात्रा में बालू शहर तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है.
बालू की बढ़ी कीमतों ने बढ़ाया अवैध कारोबार
हाल के दिनों में बालू की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जानकारों के अनुसार, घाट क्षेत्रों में करीब दो हजार रुपये में मिलने वाला एक वाहन बालू शहर पहुंचते-पहुंचते पांच से छह हजार रुपये तक में बिक रहा है. इसी वजह से अवैध बालू कारोबार करने वालों के लिए यह अत्यधिक मुनाफे का धंधा बन गया है.
15 अक्टूबर तक नदियों से बालू उत्खनन पर रोक
खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जलीय जीवों, नदी पारिस्थितिकी तंत्र और पुल-पुलियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर हर वर्ष मानसून अवधि के दौरान नदियों से बालू खनन पर रोक लगाई जाती है. सुप्रीम कोर्ट और NGT के निर्देशों के अनुरूप 10 जून से 15 अक्टूबर तक पूरे देश में नदियों से बालू निकासी प्रतिबंधित रहेगी.
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