Dhanbad : धनबाद कोयलांचल के भू-धंसान व अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जिंदगी एक बार फिर खतरे में है. मंगलवार देर शाम कतरास थाना क्षेत्र के सेलेक्टेड गोविंदपुर में हुई भू-धंसान में छह मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए थे. राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई.
बीसीसीएल के अधिकारी, रेस्क्यू टीम और जिला प्रशासन के अधिकारी बुधवार की सुबह मौके पर पहुंचे और स्थिति का मुआयना किया. बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर बीसीसीएल अधिकारियों को सभी प्रभावित और जोखिम वाले क्षेत्र में रह रहे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया.
इस बीच प्रभावित परिवार मलबे में दबे अपने जरूरी सामान को निकालने में जुटे रहे. स्थानीय लोगों के अनुसार, भू-धंसान के बाद पूरे इलाके में कई स्थानों पर जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं. इससे आगे भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है.
सीओ गिरजानंद किस्कू ने बताया कि 5 से 6 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं, जबकि 17 अन्य मकान आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं. यानी कुल 22 परिवार प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है. बीसीसीएल प्रबंधन से प्रभावितों के लिए क्वार्टर उपलब्ध कराने को कहा गया है.पुनर्वास होने तक भोजन और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही आपदा राहत एवं अग्नि प्रभावित क्षेत्र के प्रावधानों के तहत मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के बाद कोई भी अपने घर में रात नहीं बिता सका. कई परिवार रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हुए. लोगों का कहना है कि उन्हें हर समय यह डर सता रहा है कि कहीं उनका घर भी जमीन में न समा जाए. उन्होंने जिला प्रशासन और बीसीसीएल से शीघ्र स्थायी पुनर्वास की मांग की है.
बीसीसीएल के सेफ्टी अधिकारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि सेलेक्टेड गोविंदपुर अब पूरी तरह डेंजर जोन बन चुका है और यहां रहना सुरक्षित नहीं है. इसकी सूचना बीसीसीएल के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. लोगों से तत्काल क्षेत्र खाली करने की अपील की जा रही है.
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