Dhanbad: धनबाद और झारखंड के लिए गर्व का क्षण आया है. आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के खनन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं TEXMiN के निदेशक प्रो. धीरज कुमार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित एट होम रिसेप्शन में शामिल होने का विशेष निमंत्रण मिला है.

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रोफेसर प्रो. धीरज कुमार
देशभर के चुनिंदा वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों में उनका चयन किया गया है. यह सम्मान उन्हें खनन तकनीक, क्रिटिकल मिनरल, डिजिटल माइनिंग और स्टार्टअप इनोवेशन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला है.
इसे भी पढ़ें:
15 अगस्त 2026 की शाम नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में प्रो. धीरज कुमार देश के अग्रणी वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के साथ शामिल होंगे. उन्हें यह आमंत्रण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की अनुशंसा और अखिल भारतीय चयन प्रक्रिया के बाद प्राप्त हुआ है.
खनन तकनीक में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम योगदान
प्रो. धीरज कुमार वर्तमान में आईआईटी (आईएसएम) में खनन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर, CoRE-MiN के प्रमुख और TEXMiN के निदेशक हैं. उन्होंने बताया कि उनकी टीम क्रिटिकल मिनरल, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, डिजिटल माइनिंग टेक्नोलॉजी और माइनिंग सेक्टर में स्टार्टअप इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित करने पर कार्य कर रही है. उनका उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को खनिज संसाधनों और आधुनिक खनन तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देना है.
IIT (ISM) और झारखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि आईआईटी (आईएसएम) अपने स्थापना के 100वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है. ऐसे महत्वपूर्ण समय में राष्ट्रपति भवन से मिला यह निमंत्रण केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे संस्थान और झारखंड के लिए सम्मान की बात है. उन्होंने बताया कि पहली बार आईआईटी (आईएसएम) और झारखंड के किसी वैज्ञानिक को राष्ट्रपति भवन के इस प्रतिष्ठित एट होम समारोह में आमंत्रित किया गया है.
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आमंत्रित वैज्ञानिकों की सूची में बीआरआईसी–सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), राष्ट्रीय कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NABI) सहित देश के कई प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों के शीर्ष वैज्ञानिक शामिल हैं. इसी सूची में प्रो. धीरज कुमार का नाम भी शामिल होना आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और पूरे झारखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि और गौरव का क्षण माना जा रहा है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment