Dhanbad News : खान एवं खनिज संशोधन एक्ट (एमएमडीआर) के खिलाफ राजद ने गुरुवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के समीप डीसी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया. राजद जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप यादव के नेतृत्व में आयोजित धरने में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राज्यों के संवैधानिक व वित्तीय अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई.
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राघवेंद्र प्रताप यादव ने कहा कि कानून में संशोधन से राज्यों के खनिज अधिकारों व खनिज-युक्त भूमि पर कर या अन्य लेवी लगाने की शक्ति पर केंद्र की शर्तें लागू होंगी. इससे राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता पर सवाल खड़े होते हैं. झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्य के लिए खनिज से मिलने वाला राजस्व विकास और जनकल्याण का महत्वपूर्ण आधार है. झारखंड के 2026-27 बजट में खनिज युक्त भूमि उपकर से 14,656 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान है.
युवा राजद जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार और गुलशन खातून ने कहा कि जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने 8:1 के बहुमत से राज्यों के खनिज अधिकारों पर कर लगाने की शक्ति को मान्यता दी थी. मौके पर तारकेश्वर, आरएन सिंह, जेपी यादव, हातिम अंसारी, मुमताज कुरैशी, अफजल खान, मुकेश यादव, गणेश यादव, विशाल यादव समेत अन्य मौजूद रहे.
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