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Dhanbad News : धनबाद में 2017 होमगार्ड बहाली के चयनित अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, नियुक्ति की मांग तेज

Dhanbad : वर्ष 2017 की होमगार्ड बहाली प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर शुक्रवार को रणधीर वर्मा चौक पर जोरदार प्रदर्शन कर धरना दिया. बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग उठाई.

 

अभ्यर्थियों का आरोप है कि बहाली प्रक्रिया पूरी होने और चयन सूची जारी होने के बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं दी गई जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है.धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्ष 2017 में होमगार्ड बहाली की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी. शारीरिक दक्षता परीक्षा और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची भी जारी कर दी गई थी. लेकिन बाद में यह कहकर बहाली प्रक्रिया रोक दी गई कि बहाली से संबंधित वीडियोग्राफी की सीडी नजारत कार्यालय से गायब हो गई है.

 

अभ्यर्थियों ने प्रशासनिक तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सीडी गायब हुई है तो यह विभागीय लापरवाही है जिसकी सजा चयनित अभ्यर्थियों को नहीं दी जानी चाहिए. अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलना उनके साथ अन्याय है. यही नहीं प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने बताया कि चयन सूची जारी होने के बाद अचानक बहाली प्रक्रिया रोक दी गई.

 

इससे सैकड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है. कई अभ्यर्थियों की उम्र अब सरकारी नौकरियों की सीमा के करीब पहुंच चुकी है जिससे उनमें भारी निराशा है.अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर नियुक्ति प्रक्रिया को लंबित रखे हुए है. उनका कहना है कि जब वर्ष 2017 की बहाली प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई तो फिर वर्ष 2023 में नई बहाली प्रक्रिया शुरू करना समझ से परे है. 

 


उन्होंने इसे सरकार की साजिश करार देते हुए कहा कि पहले पुराने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जानी चाहिए. धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई.उनका कहना है कि वीडियोग्राफी की सीडी गायब होने के मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो. 

 

अभ्यर्थियों ने सरकार और जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वे अनिश्चितकालीन अनशन और आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी.

 

 

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