Dhanbad : धनबाद कोयलांचल में रंगदारी व दहशत का पर्याय बने कुख्यात अपराधी प्रिंस खान गैंग को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. गैंग के अहम सदस्य सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी के बाद संगठित अपराध, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन व फंडिंग नेटवर्क से जुड़े कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं. यह जानकारी एसएसपी प्रभात कुमार ने बुधवार को प्रेसवार्ता में दी.
एसएसपी ने बताया कि कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार मेजर गैंग का तकनीकी व वित्तीय मैनेजर था. वह प्रिंस खान को वर्चुअल नंबर उपलब्ध कराने, धमकी भरे कॉल कराने व रंगदारी की रकम को हवाला, बैंक ट्रांसफर तथा बिटकॉइन के माध्यम से प्रिंस खान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता था.
तीन दर्जन से अधिक मामलों में संलिप्तता स्वीकार की
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में मेजर ने करीब तीन दर्जन आपराधिक मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. इनमें हत्या, रंगदारी, गोलीबारी व बमबाजी जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं. उसने चर्चित रंजीत सिंह हत्याकांड, नन्हें खानल की हत्या, उपेंद्र सिंह मर्डर केस व व्यवसायियों पर हमले में गैंग की भूमिका का खुलासा किया.
100 से अधिक बैंक खातों से चलता है नेटवर्क
जांच में सामने आया कि गैंग रंगदारी की रकम की लेनदेन के लिए 100 से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल किया. रकम को छिपाने और ट्रैकिंग से बचने के लिए आधुनिक तकनीकों और अवैध चैनलों का सहारा लिया जाता है.
पाकिस्तान कनेक्शन व आतंकी संगठन से जुड़ाव
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि पुलिस दबाव के कारण प्रिंस खान दुबई से भागकर अवैध रूप से पाकिस्तान पहुंच गया. वहां उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर संपर्क स्थापित किया है.यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद गंभीर माना जा रहा है.
गैंग में दरार और नया नेटवर्क
मेजर ने बताया कि पाकिस्तान जाने को लेकर मतभेद के बाद उसे गैंग से अलग कर दिया गया था. फिलहाल गैंग का संचालन प्रिंस खान के करीबी रिश्तेदार भाई गोपी खान, उसका साला ऋत्विक खान, रिश्तेदार आदिल व उसकी पत्नी विदेश में रहकर कर रहे हैं. भारत में मौजूद अन्य रिश्तेदार भी नेटवर्क को सहयोग दे रहे हैं.
सफेदपोशों की भूमिका की जांच
पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ तथाकथित मीडिया से जुड़े लोग और सफेदपोश दहशत फैलाने में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे हैं. पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है.
हर महीने एक करोड़ की रंगदारी
मेजर के अनुसार, कुछ महीने पहले तक गैंग धनबाद से हर महीने करीब एक करोड़ रुपये की रंगदारी वसूल रहा. हालिया पुलिस कार्रवाई के बाद इसमें काफी कमी आई है. लगातार गिरफ्तारी व दबाव के चलते गैंग कमजोर पड़ा है और नए शूटरों की कमी से जूझ रहा है.
SSP की सख्त चेतावनी
एसएसपी प्रभात कुमार ने साफ कहा कि अभी भी कुछ व्यवसायी भयवश गैंग को पैसे भेज रहे हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब प्रिंस खान को पैसा भेजना सीधे तौर पर आतंकवाद को फंडिंग करने जैसा है. ऐसे लोगों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.
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