Dhanbad : बाघमारा थाना क्षेत्र के सदरयाडीह में गुरुवार को सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई. हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, जबकि स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
इसे भी पढ़ें..
जानकारी के अनुसार करीब एक महीने से बंद पड़े नए सेफ्टी टैंक को गुरुवार को खोला गया था. सफाई के लिए सदरयाडीह निवासी दिलीप महतो और महुदा थाना क्षेत्र के अंधारी निवासी राजेश महतो करीब 10 फीट गहरे टैंक में उतरे. कुछ ही देर बाद टैंक के भीतर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों बेहोश हो गए. स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल बाहर निकालकर बाघमारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.
घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा थाना की पुलिस और अंचल अधिकारी गिरजानंद किस्कू अस्पताल पहुंचे. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. प्रारंभिक जांच में दम घुटने और जहरीली गैस की चपेट में आने को मौत का कारण माना जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.
अंचल अधिकारी गिरजानंद किस्कू ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा और संभावित खतरे के मद्देनजर बीसीसीएल प्रबंधन को आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए पत्र भेजा जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है. केशरगढ़ पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि लखिन्द्र महतो ने आरोप लगाया कि बीसीसीएल परियोजना के आसपास केशरगढ़, सदरयाडीह समेत कई गांवों के लोग वर्षों से जहरीली गैस, भूमिगत आग और भूधंसान के खतरे के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं. उनका कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद प्रभावित परिवारों के विस्थापन और सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए.
इधर, मृतक मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment