Dhanbad : धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड के करमाटांड़ में प्रस्तावित स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों और जमीन पर दावा करने वाले रैयतों ने विरोध शुरू कर दिया. ग्रामीण उक्त जमीन को अपनी पुश्तैनी बता रहे हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना जनप्रतिनिधि की उपस्थिति के संवेदक ने स्वयं नारियल फोड़कर शिलान्यास कर दिया.
विरोध की सूचना मिलने पर गोविंदपुर के सीओ धर्मेंद्र दुबे प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जायजा लिया. सीओ ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार उक्त भूमि बिहार-झारखंड सरकार के नाम दर्ज है तथा सरकारी कार्यों के लिए अधिकृत है. प्रशासन सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहा है.
वहीं जमीन पर दावा करने वाले परिवारों का कहना है कि यह भूमि उनके पूर्वजों की पुश्तैनी रैयती जमीन है. दावेदारों के अनुसार, उक्त जमीन स्वर्गीय बिरोधा घाटवारिन (पति स्वर्गीय मेघु राय) के नाम पर दर्ज है और उनका परिवार करीब 100 वर्षों से इस भूमि पर काबिज है.
जमीन के दावेदार अजय कुमार राय ने प्रशासन से निर्माण कार्य रोकने की मांग करते हुए कहा कि न्यायालय के अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखी जानी चाहिए. उनका आरोप है कि विवादित जमीन पर बिना सभी पक्षों की सहमति और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है.
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