Dhanbad : झरिया के फुसबंगला में 25 अप्रैल को तेजाब फेंके जाने से नाबालिग भाई-बहन गंभीर रूप से झुलस गए थे. मकान मालिक सरदार जसवीर सिंह व कनक ज्वेलर्स के संचालक जीतेंद्र कुमार के बीच हुए विवाद के दौरान घटी इस घटना ने तूल पकड़ लिया है. झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू मंगलवार को झरिया पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर पूरे मामले की जानकारी ली.

पीड़ित परिवार से मिलकर घटना की जानकारी लेते ल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू.
मथारू ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला गरीब अल्पसंख्यक परिवार के साथ अन्याय का प्रतीत होता है. उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिला. इस मामले में पुलिस व चिकित्सकीय स्तर पर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं. पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को देकर निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि जीतेंद्र कुमार ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दुकान पर कब्जा करने का प्रयास किया. इस मामले में न्यायालय पहले ही संबंधित दावों को खारिज कर चुका है. इसके बावजूद मकान व दुकान पर कब्जे को लेकर विवाद बढ़ा और नाबालिग बच्ची पर तेजाब फेंकने की घटना हुई.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना को सही तरीके से नहीं लिया गया. बाद में बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एसएनएमएमसीएच रेफर किया गया, जहां जांच रिपोर्ट में तेजाब से झुलसने की पुष्टि होने का दावा किया गया. मथारू ने मौके पर मौजूद झरिया सीओ व सिंदरी एसडीपीओ को मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने, विवाद का विधिसम्मत समाधान कराने व नाबालिग के साथ की गई अश्लील हरकत के आरोपों की भी जांच करने का निर्देश दिया.
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