खराब चापाकल व बंद जलमीनार बढ़ा रहे मुश्किलें
Dhanbad : भीषण गर्मी शुरू होने के साथ धनबाद जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मच गया है. पूर्वी टुंडी प्रखंड के रामपुर गांव के लोगों को चिलचिलाती धूप और तपती गर्मी में पानी के लिए घंटों संघर्ष करना पड़ रहा है. गांव के करीब 150 परिवार सिर्फ एक चापाकल के भरोसे अपनी जिंदगी काटने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाई गई जलमीनार पिछले कई महीनों से शो-पीस बनी हुई है. पानी की इस भयानक किल्लत का सीधा असर अब ग्रामीणों के सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर भी दिखने लगा है. सुबह की पहली किरण के साथ ही गाँव के एकमात्र चालू चापाकल पर बाल्टी, डिब्बे और बर्तनों की लंबी कतारें लग जाती हैं जो देर रात तक बदस्तूर जारी रहती हैं.पानी भरने को लेकर होने वाली आपाधापी के कारण अब गांव में रोज-रोज विवाद की स्थिति बन रही है. घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण महिलाओं के घर का कामकाज समय पर नहीं हो पा रहा है. बच्चे समय पर स्कूल भी नहीं पहुंच पा रहे हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक और चापाकल था लेकिन वह महीनों से खराब पड़ा है. उसे ठीक कराने की जहमत आज तक किसी ने नहीं उठाई. वहीं सरकार द्वारा ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से लाखों रुपए की लागत से पानी टंकी का निर्माण कराया गया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण वह कभी सुचारू रूप से चालू ही नहीं हो सकी. ग्रामीणों का आरोप है कि इस विकराल समस्या को लेकर उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत के मुखिया और संबंधित विभाग के अधिकारियों के चक्कर काटे, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले. चुनाव के समय वोट मांगने आए नेताओं के बड़े-बड़े वादे अब सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गए हैं.धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है.
नेताओं और स्थानीय प्रशासन से निराश होकर अब गांव की महिलाओं और बुजुर्गों ने धनबाद डीसी से न्याय की गुहार लगाई है.ग्रामीणों ने मांग की है कि इस भीषण गर्मी को देखते हुए गांव के खराब पड़े चापाकल को अविलंब दुरुस्त कराया जाए और बंद पड़ी जलमीनार को चालू कर राहत दी जाए.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment