Dhanbad : धनबाद जिले के निरसा में करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एलिवेटेड फ्लाईओवर को लेकर शुरू हुआ सियासी विवाद अब व्यक्तिगत स्तर पर उतर आया है. इस योजना को लेकर धनबाद सांसद ढुल्लू महतो व निरसा के विधायक अरूप चटर्जी आमने-सामने हैं. दोनों नेताओं के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप व बयानबाजी से धनबाद की राजनीति में गरमा गई है.
विवाद की शुरुआत तब हुई जब विधायक अरूप चटर्जी ने एक दिन पहले मीडिया के सामने सांसद ढुल्लू महतो पर गंभीर व व्यक्तिगत आरोप लगाए. विधायक ने सांसद को राक्षस की संज्ञा देते हुए कहा कि वह अपने बेटे को IAS या IPS बनाने की जगह कोयला चोरी के अवैध धंधे में शामिल कर रहे हैं. उन्होंने क्षेत्र में हो रहे अवैध कामों को लेकर सांसद की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए थे.
विधायक के इन आरोपों पर पलटवार करने में सांसद ढुल्लू महतो ने भी देर नहीं की. मंगलवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने अरूप चटर्जी को कछुआ और टकला कहकर संबोधित किया. कहा कि जिसका वंश ही नहीं है, वो वंश का दर्द क्या समझेगा. सांसद ने विधायक सभी आरोप निराधार बताया. उन्होंने कहा कि यदि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ कोयला चोरी व किसी अन्य अवैध गतिविधि में शामिल होने के आरोपों में सच्चाई है, तो सरकार निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करे.
प्रेसवार्ता में सांसद ने आरोप लगाया कि निरसा विधायक विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं. एलिवेटेड फ्लाईओवर क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है. इसे रोकने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने जिला प्रशासन से यह जांच कराने की मांग की कि आखिर किन परिस्थितियों में फ्लाईओवर निर्माण कार्य बाधित हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. कहा कि विकास कार्यों में कमीशनखोरी व रंगदारी की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
सांसद ढुल्लू महतो ने बात यहीं खत्म नहीं की. उन्होंने विधायक अरूप चटर्जी पर राजनीतिक शुचिता को लेकर भी बड़ा हमला बोला. आरोप लगाया कि हालिया राज्यसभा चुनाव और उससे पहले हुए राज्यसभा चुनावों में अरूप चटर्जी ने कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये लेकर मतदान किया था. सांसद ने विधायक के परिवार और उनके पिता को लेकर भी व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं.
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