Dhanbad : संयुक्त किसान मोर्चा, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच के बैनर तले सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया.जिला परिषद मैदान से बीएसएनएल कार्यालय तक प्रदर्शनकारियों ने पैदल मार्च निकाला. बीएसएनएल कार्यालय के समीप पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग पर बैठकर सड़क जाम कर दिया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
प्रदर्शन के दौरान मजदूर-किसान एकता जिंदाबाद और देश बचाओ-लोकतंत्र बचाओ जैसे नारे लगाए गए. नेताओं ने 10 अगस्त को प्रस्तावित देशव्यापी जेल भरो आंदोलन का शंखनाद करते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों पर जमकर निशाना साधा.
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की कथित कॉरपोरेट-परस्त आर्थिक नीतियों, अमेरिकी व्यापारिक दबाव तथा आईएमएफ और विश्व बैंक की शर्तों का विरोध किया. नेताओं ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण किसान, मजदूर और युवा वर्ग लगातार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है.
किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सभी कृषि उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने, किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी करने और सभी नागरिकों के लिए खाद्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की.

इसके अलावा सम्मानजनक न्यूनतम मजदूरी लागू करने, मनरेगा को मजबूत करने, शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू करने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और विस्थापन से पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई.अस्थायी और अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की भी मांग की गई.
लेबर कोड और निजीकरण का विरोध
मजदूर संगठनों ने चारों कथित मजदूर-विरोधी लेबर कोड को वापस लेने तथा प्रस्तावित विभिन्न संशोधन विधेयक-2025 पर रोक लगाने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने बेलगाम निजीकरण और सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरियों के ठेकाकरण को तत्काल बंद करने की मांग भी उठाई.
नेताओं ने कहा कि मजदूरों किसानों और आम लोगों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने केंद्र सरकार से जनहित में नीतियों में बदलाव करने और आंदोलनकारियों की मांगों पर तत्काल पहल करने की मांग की.
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