Search

 
 
 

धनबादः IIT-ISM में नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम शुरू, शिक्षकों को दी जाएगी नेतृत्व की ट्रेनिंग

आईआईटी-आईएसएम के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं को समझने और आत्मसात करने का उत्कृष्ट अवसर है. पांच दिनों की यह यात्रा उन्हें नए विचारों और अनुभवों से समृद्ध करेगी.
 

Dhanbad : आईआईटी-आईएसएम, धनबाद में मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम का छठा संस्करण शनिवार को फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर (FDC) में शुरू हुआ. यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र 10 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें देशभर से आए शिक्षक नेतृत्व कौशल, व्यक्तित्व विकास और नवाचार प्रबंधन से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग प्राप्त करेंगे.


उद्घाटन सत्र में कुल 21 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. बताया गया कि कार्यक्रम के पिछले पांच चरणों में अब तक 111 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है.इस संस्करण में कुल 16 लेक्चर सेशन, दो फील्ड विजिट तथा चार दिवसीय योग सत्र आयोजित किए जाएंगे. ताकि प्रतिभागियों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास एक साथ हो सके.


उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आईआईटी-आईएसएम के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं को समझने और आत्मसात करने का उत्कृष्ट अवसर है. पांच दिनों की यह यात्रा उन्हें नए विचारों और अनुभवों से समृद्ध करेगी जिससे वे अपनी लीडरशिप क्षमताओं को और सशक्त बना पाएंगे. प्रो. धीरज कुमार ने नीड फॉर इनोवेशन इकोसिस्टम इन एकेडेमिया विषय पर व्याख्यान भी दिया.

 

कंटिन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम डीन प्रो. केका ओझा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में हमने इस तरह के छह प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं. आगे भी हमारा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक शिक्षकों तक यह अवसर पहुंचे और उनमें नेतृत्व की सोच विकसित हो. उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की सबसे मजबूत नींव है. शिक्षक का दायित्व केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक और लीडर तैयार करना है, जो देश के विकास में योगदान दें.


नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम की को-ऑर्डिनेटर प्रो. मृणालिनी पांडे ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि लीडरशिप एक निरंतर सीखने की प्रक्रिया है. इसमें धैर्य, अनुकूलन और आत्म-सुधार की भावना आवश्यक है. सच्चा लीडर वही है, जो दूसरों में नेतृत्व की क्षमता जगाए. उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे पूरे मन से प्रशिक्षण का हिस्सा बनें और इसे एक सीखने तथा प्रेरणा पाने की यात्रा के रूप में देखें. यह कार्यक्रम संस्थान के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर के शिक्षकों में लीडरशिप, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सशक्त किया जा रहा है.


Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही