Dhanbad : धनबाद जिला पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है. सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति को अपनी ही जब्त बाइक की जगह दूसरी बाइक वापस ले जाने ऑफर दिया गया. इस मामले में पीड़ित ने वरीय पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है.
जानकारी के अनुसार, डीजीएमएस में निजी सहायक के पद पर कार्यरत बिराजपुर मझिलाडीह निवासी मटन प्रसाद महतो पिछले साल 21 जुलाई को ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे. इसी दौरान राजगंज थाना क्षेत्र के खरनी मोड़ के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी बाइक (संख्या JH-10-CE-5021) को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया गया.
दुर्घटना के बाद राजगंज पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक और ट्रैक्टर को जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित रखा था. लंबे इलाज और स्वास्थ्य लाभ के करीब आठ महीने बाद जब मटन महतो वापस लौटे, तो उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बाइक वापस लेने के लिए थाना पहुंचे. थाना में केस के आईओ ने उन्हें बार-बार टालने की कोशिश की और कई चक्कर लगवाए. जब उन्होंने नियम-कानून का हवाला देते हुए बाइक लौटाने की मांग पर जोर दिया, तो थानेदार ने कथित तौर पर उन्हें परिसर में खड़ी दूसरी बाइक ले जाने का सुझाव दिया.
पीड़ित मटन महतो ने मीडिया बताया कि वह जब अपनी गाड़ी लेने थाना पहुंचे तो उन्हें दूसरी गाड़ी ले जाने को कहा गया. यह पूरी तरह नियम विरुद्ध है. मटन महतो ने कहा कि अब उसने जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर मामले की जांच करने और खुद की बाइक वापस दिलाने की मांग की है.
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