Dhanbad : निजी स्कूलों में री-एडमिशन, किताब और ड्रेस के नाम पर मनमानी फीस वसूली के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है. इसी को लेकर झारखंड अभिभावक महासंघ के बैनर तले बुधवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय उपवास सह धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया.

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने हिस्सा लिया और निजी स्कूलों की कथित मनमानी के खिलाफ आवाज बुलंद की. अभिभावकों का आरोप है कि हर साल री-एडमिशन के नाम पर 15 से 20 हजार रुपये तक की राशि वसूली जा रही है जबकि इसके लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं है. यही नहीं स्कूल प्रबंधन द्वारा किताब, ड्रेस, जूते आदि भी बेचे जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.
झारखंड अभिभावक संघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने कहा कि निजी स्कूलों में री-एडमिशन के नाम पर लूट मची हुई है. इस मुद्दे को लेकर शिक्षा विभाग और उपायुक्त से बातचीत की गई थी. अधिकारियों ने बैठक कर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
उन्होंने मांग की कि री-एडमिशन के नाम पर वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए और स्कूलों को मनमाने तरीके से किताब और अन्य सामग्री बेचने से रोका जाए. साथ ही फीस संरचना को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं.
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रशासन द्वारा इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ फीस की नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के अधिकारों की भी है.
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