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धनबाद बना झारखंड में नंबर-1, 57% रिजल्ट के साथ लेखा परीक्षा में अव्वल

Dhanbad : जिले में प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने बुधवार को लेखा परीक्षा प्रशिक्षण से जुड़े सभी प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. ये सम्मान उन प्रशिक्षकों को दिया गया जिन्होंने गत वर्ष 26 जुलाई को आयोजित विभागीय लेखा परीक्षा के लिए लिपिकों को प्रशिक्षित करने में अहम भूमिका निभाई थी. 

 

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कर्मियों का प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है. उन्होंने घोषणा की कि आगामी मई माह में विकास शाखा, नजारत समेत सभी विभागों के कर्मियों के लिए 14 मॉड्यूल पर आधारित सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बहु-आयामी कार्यों में दक्ष बनाना है ताकि वे किसी भी विभाग में बेहतर तरीके से कार्य कर सकें.

 

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लिपिकों के प्रोन्नति एवं सेवा संपुष्टि के लिए विभागीय लेखा परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है. ऐसे में पेंशन, बजट, सेवा नियमावली, सामान्य भविष्य निधि (GPF), यात्रा भत्ता, बिल प्रक्रिया और वित्तीय नियमों की जानकारी हर लिपिक के लिए जरूरी है. परीक्षा में असफल रहने वाले कर्मियों की पदोन्नति और सेवा पुष्टि लंबित रह जाती है.

 

उपायुक्त के मार्गदर्शन में आयोजित इस परीक्षा में धनबाद ने पूरे झारखंड में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. वर्ष 2025 में आयोजित लेखा परीक्षा में 57% लिपिक उत्तीर्ण हुए जो राज्य में सबसे अधिक है. तुलना करें तो रांची में 39 और पलामू में 36 लिपिक ही सफल हो सके. पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. वर्ष 2021 में महज 4.5%, 2022 में 4.2% और 2023 में 28% परिणाम रहा था. ऐसे में 2025 का 57% रिजल्ट प्रशासनिक सुधार और प्रभावी प्रशिक्षण का प्रत्यक्ष प्रमाण है.

 

बता दें कि उपायुक्त के निर्देश पर 29 और 30 जून को लिपिकों के लिए विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया था. इसके बाद परीक्षा में 73 में से 46 लिपिक सफल हुए. असफल अभ्यर्थियों के लिए 9 और 10 जुलाई को पुनः प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 51 में से 50 लिपिक उत्तीर्ण हुए. इसके बाद 26 जुलाई 2025 को समाहरणालय में आयोजित अंतिम लेखा परीक्षा में 81 लिपिक शामिल हुए जिनमें 46 ने सफलता हासिल की.

 

सम्मानित किए गए प्रमुख प्रशिक्षकों में सहायक आयुक्त नागरीय अंचल डी.एन. राय, कोषागार पदाधिकारी पंकज कुमार, कार्यालय अधीक्षक शांतनु सरकार, सेवानिवृत्त ओमप्रकाश सिंह, अमीन हांसदा, अनुमंडल कार्यालय के सुबोध कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम, राज्य कर पदाधिकारी (अन्वेषण ब्यूरो) स्वर्गीय पंकज कुमार वर्मा तथा जिला नाजिर आनंद कुमार शामिल हैं. कार्यक्रम के दौरान एलआरडीसी दिलीप कुमार महतो, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे.

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